जालंधर: जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने पुलिस यार्डों में लंबे समय से खड़ी लावारिस और ज़ब्त गाड़ियों के निस्तारण के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह (IPS) के दिशा-निर्देशों और डीसीपी इन्वेस्टिगेशन मनप्रीत सिंह ढिल्लों, एडीसीपी ट्रैफिक गुरबाज़ सिंह तथा एसीपी ट्रैफिक अजय सिंह की देखरेख में मंगलवार को पुलिस लाइन्स में नियमों के तहत 350 गाड़ियों की नीलामी की गई।
विज्ञापनों और अपीलों के बाद हुई कार्रवाई
नीलामी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में अंजाम दिया गया। इससे पहले पुलिस प्रशासन ने समाचार पत्रों में बाकायदा विज्ञापन जारी कर वाहन मालिकों को अपनी गाड़ियां छुड़ाने का मौका दिया था। कई लोगों ने अपनी गाड़ियां वापस ले लीं, लेकिन जिन वाहनों के मालिक सामने नहीं आए या जिन्होंने निर्देशों की अनदेखी की, उन्हें नीलामी प्रक्रिया में शामिल कर दिया गया।
नीलामी में शामिल मुख्य वाहन:
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दुपहिया वाहन: 238 मोटरसाइकिलें, 2 बुलेट मोटरसाइकिलें और 88 स्कूटर।
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चार पहिया व अन्य वाहन: 2 कारें, 12 ऑटो-रिक्शा और 1 लिमोसिन।
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अन्य सामान: 5 गन्ने के रस की रेहड़ियां, 1 पीटर कार्ट और 1 व्हीली बिन।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य पुलिस यार्डों में सालों से पड़ी बेकार गाड़ियों को हटाकर जगह का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना और व्यवस्था को सुचारू बनाना है। डीसीपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों ने स्पष्ट किया कि कानून और नियमों के दायरे में रहकर भविष्य में भी ऐसी नीलामी प्रक्रियाएं जारी रहेंगी।


