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नीति आयोग की बैठक में गरजे CM मान: पंजाब के लिए मांगा विशेष राज्य का दर्जा

Punjab Desk: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में राज्य की लंबे समय से लंबित मांगों और चिंताओं को बेहद मजबूती से उठाया। मुख्यमंत्री ने देश की सीमाओं की रक्षा में पंजाब के राष्ट्रीय योगदान को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहयोग, विशेष श्रेणी का दर्जा (SCS) और सीमावर्ती क्षेत्रों के पुनरोद्धार के लिए एक समर्पित पैकेज की मांग की।

सीएम मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक सुरक्षित, संरक्षित और समृद्ध पंजाब ही वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की सबसे बड़ी गारंटी है।

1. सीमावर्ती और फ्रंटलाइन राज्य के रूप में विशेष दर्जे की मांग

मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करने वाला पंजाब एक फ्रंटलाइन बफर स्टेट है, जो देश की सुरक्षा का बोझ उठा रहा है।

  • 90:10 के अनुपात में फंडिंग: सीएम मान ने मांग की कि पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर पंजाब को भी सभी केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत 90:10 के वित्तपोषण (Funding) का लाभ मिलना चाहिए।

  • सुरक्षा चुनौतियाँ: पंजाब लगातार सीमा पार आतंकवाद, ड्रोन के जरिए हेरोइन व हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध जैसी बहुआयामी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके अलावा, सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों को सुरक्षा बाड़ के पार खेती करने में दैनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

  • राहत पैकेजों में असमानता: उन्होंने चिंता जताई कि सीमा पर 2,000 से अधिक गांव होने के बावजूद केंद्र के ‘वाइब्रेंट विलेज-II’ कार्यक्रम के तहत पंजाब के केवल 107 गांवों को शामिल किया गया है, जो बेहद अपर्याप्त है।

  • बाढ़ से भारी नुकसान: वर्ष 2025 में आई विनाशकारी बाढ़ का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि इससे राज्य के 2,300 से अधिक गांवों को नुकसान हुआ और करीब ₹12,905 करोड़ का आर्थिक नुकसान हुआ, जिसके लिए केंद्र से और सहयोग की आवश्यकता है।

2. मोहाली को ‘नेशनल नॉलेज हब’ और ‘सेमीकंडक्टर मेगा-क्लस्टर’ बनाने का प्रस्ताव

पंजाब को देश का भविष्य का तकनीकी और आर्थिक इंजन बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने नीति आयोग के सामने दो बड़े रणनीतिक प्रस्ताव रखे:

  • नेशनल नॉलेज एंड एजुकेशन हब (NKIR): सीएम मान ने केंद्र से मोहाली और उसके 50 किमी के दायरे को ‘राष्ट्रीय ज्ञान और नवाचार क्षेत्र’ के रूप में मान्यता देने की मांग की। उन्होंने यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा और क्वांटम टेक्नोलॉजी में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने तथा प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों के कैंपस खोलने की वकालत की।

  • इंटीग्रेटेड सेमीकंडक्टर मेगा-क्लस्टर (ISMC): भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत मोहाली में एक ऑल-इन-वन इंटीग्रेटेड सेमीकंडक्टर मेगा-क्लस्टर स्थापित करने का आग्रह किया गया।

  • मोहाली का अनूठा लाभ: सीएम ने बताया कि मोहाली में पहले से ही देश की एकमात्र एकीकृत उपकरण निर्माता ‘सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी’ (SCL) मौजूद है, जिसके पास 4 दशकों का संस्थागत अनुभव है। केंद्र सरकार द्वारा SCL के आधुनिकीकरण के लिए घोषित ₹4,500 करोड़ की राशि का लाभ उठाते हुए इसे भारत का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर हब बनाया जा सकता है।

  • ग्लोबल कनेक्टिविटी: इसके साथ ही उन्होंने शहीद भगत सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (मोहाली) से सीधे यूके, यूरोप, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग की।

3. नीति आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया ‘रंगला पंजाब’ का शासन मॉडल

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक में मानव पूंजी विकास (Human Capital Development) पर केंद्रित पंजाब सरकार की प्रमुख उपलब्धियों और योजनाओं का एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसे नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में देश की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली प्रणालियों में से एक माना गया है।

A. स्वास्थ्य और पोषण: यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज

  • मुख्यमंत्री सेहत योजना: इस ऐतिहासिक पहल के तहत पंजाब के हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है, जिसमें 2,356 प्रकार की मेडिकल और सर्जिकल प्रक्रियाएं शामिल हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पताल पैनल में हैं।

  • आम आदमी क्लीनिक: राज्य में 990 आम आदमी क्लीनिक (414 शहरी, 576 ग्रामीण) सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं, जहां 107 दवाएं और 47 टेस्ट पूरी तरह मुफ्त हैं। अब तक यहां 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज हो चुकी हैं और 400 नए क्लीनिक पाइपलाइन में हैं।

B. शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव

  • शीर्ष रैंकिंग: पंजाब ‘परख’ (PARAKH) असेसमेंट में देश में शीर्ष पर रहा है। कक्षा 3 से 9 तक के छात्र मुख्य विषयों में राष्ट्रीय औसत से 10 से 15% बेहतर अंक ला रहे हैं।

  • हुनर शिक्षा स्कूल: सभी 23 जिलों में 40 ‘हुनर शिक्षा स्कूल’ स्थापित किए गए हैं, जो मुख्यधारा की शिक्षा के साथ व्यावसायिक (Vocational) ट्रेनिंग दे रहे हैं। इसके तहत आईआईटी दिल्ली और मैक्स हेल्थकेयर जैसी संस्थाओं के साथ साझेदारी की गई है और छात्रों को ₹2,500 प्रति माह तक का वजीफा देकर 30-दिवसीय कॉर्पोरेट इंटर्नशिप कराई जा रही है।

  • बिजनेस ब्लास्टर्स कार्यक्रम: छात्रों को नौकरी चाहने वालों के बजाय ‘नौकरी देने वाला’ बनाने के लिए कक्षा 11वीं और 12वीं के 2.68 लाख से अधिक छात्रों को उद्यमशीलता (Entrepreneurship) की व्यावहारिक शिक्षा और शुरुआती फंडिंग दी जा रही है।

  • माइंडफुलनेस प्रोग्राम: छात्रों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए ध्यान और योग को स्कूल की दिनचर्या का हिस्सा बनाया गया है।

C. ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ और युवाओं को रोजगार

  • नशा मुक्ति नेटवर्क: नशे के खिलाफ चौतरफा लड़ाई के तहत राज्य में 547 OOAT क्लीनिक, 183 नशा मुक्ति केंद्र और 90 पुनर्वास केंद्र सक्रिय हैं। इसके साथ ही 3,658 स्कूलों में ‘स्कूल नशे के विरुद्ध’ अभियान चलाया जा रहा है।

  • खेलों पर ऐतिहासिक बजट: युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए खेल क्षेत्र के लिए ₹1,763 करोड़ का ऐतिहासिक बजट (2026-27) आवंटित किया गया है। इसके तहत 3,150 ग्राम-स्तरीय खेल के मैदान और 5,000 ग्रामीण जिम बनाए जा रहे हैं। ‘सीएम दी योगशाला’ के तहत रोजाना 3 लाख लोग योग कर रहे हैं।

  • आईटीआई सीटों में बढ़ोतरी: व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी आईटीआई (ITI) की सीटों को 35,000 से बढ़ाकर 52,000 कर दिया गया है।

  • CPYTE और सेना में भर्ती: पंजाब युवा प्रशिक्षण और रोजगार केंद्र (CPYTE) के 14 आवासीय परिसरों के माध्यम से हर साल 10,000 युवाओं को सुरक्षा बलों के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसके तहत इस वर्ष 2,500 युवा ‘अग्निवीर’ बनकर सशस्त्र बलों में शामिल हुए हैं। इसके अलावा, महाराजा रणजीत सिंह और माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट (AFPI) क्रमशः 55% और उच्च सफलता दर के साथ देश को सैन्य अधिकारी दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अंत में प्रधानमंत्री और नीति आयोग से अपील की कि पंजाब की इन वास्तविक, वैध और लंबे समय से लंबित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए ताकि देश की प्रगति में पंजाब अपना सर्वोच्च योगदान जारी रख सके।

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