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पंजाब के कर्मचारियों-पेंशनरों की मांगों पर आज CM मान की अहम बैठक, DA एरियर पर होगी चर्चा

चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री आवास पर सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक में महंगाई भत्ता (DA), लंबित एरियर और कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।

बैठक में कर्मचारी-पेंशनर्स साझा फ्रंट और संयुक्त मुलाजीम मंच के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। ऐसे में लंबे समय से चले आ रहे सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच गतिरोध को खत्म करने की दिशा में इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

CM के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी रहेंगे मौजूद

बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा मुख्य सचिव केएपी सिन्हा समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कुछ मंत्री भी शामिल हो सकते हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से अपनी लंबित मांगों को सरकार के सामने प्रमुखता से रखा जाएगा।

दरअसल, 27 अगस्त को पंजाब के करीब साढ़े सात लाख कर्मचारियों और पेंशनरों ने अपनी मांगों को लेकर सामूहिक हड़ताल की थी। इसके बाद जालंधर में मुख्यमंत्री और कर्मचारी नेताओं के बीच बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने पहले हड़ताल समाप्त करने और उसके बाद बातचीत करने की शर्त रखी थी। इसके चलते उस समय दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी थी।

DA एरियर भुगतान प्रमुख मांग

कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों और उनके एरियर का भुगतान शामिल है। इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी पंजाब सरकार को 14 दिनों के भीतर DA एरियर जारी करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, पंजाब सरकार ने इस फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

कर्मचारी संगठनों का दावा है कि सभी लंबित DA एरियर का भुगतान करने पर सरकार पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ सकता है। यही वजह है कि शुक्रवार को होने वाली बैठक में सरकार के रुख और संभावित फैसलों पर कर्मचारियों की नजर बनी हुई है।

2027 चुनाव से पहले अहम मुद्दा

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की नाराजगी सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में DA एरियर समेत अन्य लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय होता है या कर्मचारी संगठनों को सिर्फ आश्वासन मिलता है।

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