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पंजाब पर फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, पहाड़ों में बारिश के बाद डैमों से छोड़ा हजारों क्यूसेक पानी; 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

चंडीगढ़: पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही पंजाब के मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। मौसम विभाग ने आज (सोमवार, 6 अक्टूबर) राज्य के 13 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि बाकी जिलों में येलो अलर्ट है। कई इलाकों में सुबह से हो रही बारिश ने जहां मौसम को ठंडा कर दिया है, वहीं अमृतसर जैसे शहरों में जलभराव की स्थिति बन गई है। पहाड़ों में हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के प्रमुख डैमों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

मौसम विभाग के अनुसार, आज पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, होशियारपुर, जालंधर, नवांशहर, लुधियाना, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और संगरूर में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के साथ-साथ राज्य में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। लुधियाना में दिन भर बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि मोहाली में भी बारिश की संभावना बनी हुई है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पहाड़ी इलाकों में हो रही सामान्य से अधिक बारिश के कारण डैमों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांधों पर दबाव कम करने के लिए नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे पंजाब की प्रमुख नदियों में पानी का स्तर बढ़ गया है। बीबीएमबी (BBMB) और पौंग डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

बीते दिन के आंकड़ों के अनुसार, पौंग डैम से लगभग 39,368 क्यूसेक, भाखड़ा डैम से 40,964 क्यूसेक और रणजीत सागर डैम से तकरीबन 33,734 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

इस पानी के छोड़े जाने से रावी, ब्यास और सतलुज नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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