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बीजेपी के हाथ से जाएगी उचाना सीट! 26 अगस्त को आएगा बड़ा फ़ैसला

दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि सिर्फ 32 वोटों से चुनाव हारना कितना दर्दनाक होता है? और अगर वो हार धोखे से हुई हो तो? हेलो एवरीवन, वेलकम बैक टू योर फेवरेट चैनलMSTV India!आज हम बात करने वाले हैं हरियाणा की उचाना सीट पर एक बड़े पॉलिटिकल ड्रामे की, जहां बीजेपी की सीट खतरे में है और कोर्ट दोबारा वोटिंग करवा सकती है! क्या होगा अगर कोर्ट से आने वाला फैसला पलट दे सारा गेम? स्टे ट्यून्ड, क्योंकि ये स्टोरी है सस्पेंस, इनजस्टिस और पावर की!

32 वोटों का खेल!

दोस्तों, चलिए शुरू से समझते हैं। हरियाणा विधानसभा चुनाव में उचाना कलां सीट पर कांग्रेस के कैंडिडेट बृजेंद्र सिंह सिर्फ 32 वोटों से हार गए थे। जी हां, सिर्फ 32! जीत बीजेपी के देवेंद्र अत्री की हुई, लेकिन अब ये जीत सवालों के घेरे में है। बृजेंद्र सिंह ने मार्च 2025 में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं।

आरोप क्या हैं?

सुनिए ध्यान से। बृजेंद्र सिंह का कहना है कि 150 पोस्टल बैलेट वोट सिर्फ इसलिए कैंसिल कर दिए गए, क्योंकि उनके लिफाफों पर लगा स्कैनर ठीक से स्कैन नहीं हो पा रहा था। लेकिन रूल्स के मुताबिक, अगर स्कैनिंग नहीं होती, तो एक स्पेशल प्रोसीजर है लिफाफे खोलने की, जो काउंटिंग के दौरान फॉलो नहीं की गई! और दोस्तों, जीत-हार का अंतर सिर्फ 32 वोटों का है, तो इन वोटों की दोबारा काउंटिंग क्यों नहीं हुई? ये सवाल अब कोर्ट के सामने है, और अगर कोर्ट मानती है, तो पूरी सीट पर दोबारा वोटिंग हो सकती है! इमेजिन, बीजेपी की वो सीट जो मुश्किल से जीती थी, हाथ से निकल जाए!

26 अगस्त को आएगा बड़ा फ़ैसला

अब थोड़ा बैकग्राउंड। उचाना कलां हरियाणा की हॉट सीट है, जहां जाट वोटर्स का दबदबा है। बृजेंद्र सिंह, जो पहले बीजेपी में थे और हिसार के एमपी रह चुके हैं, कांग्रेस में शिफ्ट होकर लड़े। देवेंद्र अत्री ने उन्हें हराया, लेकिन अब कोर्ट में ये लड़ाई इंटेंस हो गई है। हाल ही की सुनवाई में जज ने बीजेपी एमएलए के वकील से कहा – “जो भी डेट मिले, सब कैंसिल करो और आओ!” और वो बड़ी डेट है 26 अगस्त! क्या कोर्ट दोबारा काउंटिंग ऑर्डर करेगी? या फिर री-पोलिंग? अगर ऐसा हुआ, तो बीजेपी को बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि हरियाणा में पहले से ही पॉलिटिकल टेंशन हाई है।

दोस्तों, ये केस सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि इलेक्शन सिस्टम की ट्रांसपेरेंसी का है। अगर पोस्टल बैलेट्स में ऐसी गड़बड़ी हो रही है, तो क्या बाकी सीट्स पर भी सवाल उठेंगे? कांग्रेस पहले ही कई सीट्स पर इर्रेगुलैरिटी का आरोप लगा चुकी है। और अगर कोर्ट बृजेंद्र के फेवर में जाती है, तो ये बीजेपी के लिए बड़ा सेटबैक होगा!तो दोस्तों, 26 अगस्त को आने वाला ये फैसला हरियाणा की पॉलिटिक्स को हिला सकता है। क्या बीजेपी अपनी सीट बचा पाएगी, या कांग्रेस करेगी कमबैक? कमेंट में बताओ अपनी ओपिनियन!

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