Viral News। काकरोच जनता पार्टी (CJP) से निष्कासित किए जाने के बाद पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया लगातार संगठन और उसके नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। अब उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें आंदोलन के बीच “बलि का बकरा” बना दिया गया। दहिया का कहना है कि पुलिस कार्रवाई और छात्रों के आंदोलन जैसे अहम मुद्दों से ध्यान हटाकर पूरा विवाद उनके वायरल बर्गर वीडियो पर केंद्रित कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि मुश्किल समय में हमेशा पार्टी का बचाव किया, लेकिन जब उनकी बारी आई तो संगठन ने उनका साथ छोड़ दिया।
‘दीपके के लिए ट्रोलर्स से भिड़ा, मेरे लिए किसी ने आवाज नहीं उठाई’
विजेता दहिया ने पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके का नाम लेते हुए कहा कि जब सोशल मीडिया पर उनका कचौड़ी खाते हुए वीडियो वायरल हुआ था, तब उन्होंने खुलकर उनका बचाव किया था और ट्रोलर्स का जवाब भी दिया था।
दहिया के मुताबिक, जब उनका बर्गर खाते हुए वीडियो सामने आया तो पार्टी नेतृत्व ने उनका पक्ष रखने के बजाय उन्हें ही संगठन से बाहर कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला सिद्धांतों के आधार पर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के दबाव में लिया गया।
बर्गर वीडियो बना विवाद की वजह
दरअसल, संसद मार्च के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विजेता दहिया एक मॉल में बर्गर खाते नजर आए। वीडियो में कुछ लोग उनसे सवाल करते दिखे कि जब छात्र सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, तब वह मॉल में बर्गर कैसे खा रहे हैं। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और उन्हें लेकर आलोचना शुरू हो गई।
CJP ने सभी पदों से किया निष्कासित
वीडियो सामने आने के अगले दिन CJP ने विजेता दहिया को प्रवक्ता समेत संगठन के सभी पदों से हटा दिया। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दहिया ने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहना उनकी जिम्मेदारी नहीं थी। उन्होंने कहा, “मुझे किसी ने चुनकर नहीं भेजा था। मैं राजनीति में आने नहीं आया था। मुझे बर्गर खाने का मन था, इसलिए मैंने बर्गर खाया।”
अब दहिया के ये बयान सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ रहे हैं। एक तरफ लोग उनके निष्कासन को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर कई यूजर्स पार्टी के फैसले का समर्थन भी कर रहे हैं।


