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हरियाणा में अफ़सर चला रहे सरकार

नमस्ते दोस्तों, स्वागत है हमारे चैनल MSTV India पर! आज हम बात करेंगे हरियाणा की सियासत में मचे एक बड़े बवाल की! जी हाँ, हरियाणा में BJP की सरकार है, CM नायब सिंह सैनी सत्ता में हैं, लेकिन उनकी अपनी ही पार्टी के विधायक और मंत्री खुलकर बगावत पर उतर आए हैं! क्या है ये पूरा मामला? क्यों विधायक बोल रहे हैं कि उनकी फाइलें “जलेबी की तरह घूम रही हैं”? और आखिर क्यों एक चपरासी तक का ट्रांसफर नहीं कर पा रहे हैं मंत्री? रुकिए, क्योंकि ये कहानी जितनी दिलचस्प है, उतनी ही चौंकाने वाली भी! तो चलिए, शुरू करते हैं!

बीजेपी का सियासी ड्रामा शुरू!


दोस्तों, हरियाणा में हाल ही में BJP विधायक दल की एक मीटिंग हुई, और इस मीटिंग में जो कुछ हुआ, वो सियासी गलियारों में आग की तरह फैल गया! दक्षिण हरियाणा के एक विधायक ने CM नायब सिंह सैनी के सामने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “हम ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए महीनों से CMO के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही! और तो और, एक कैबिनेट मंत्री ने तो ये तक कह दिया कि उनकी फाइलें “जलेबी की तरह घूम रही हैं”! अरे भाई, जलेबी तो मीठी होती है, लेकिन ये जलेबी हरियाणा की सियासत को कड़वा कर रही है!

8 विधायक बगावत की राह पर !


“सबसे पहले, इन 8 विधायकों के नाम:

  1. अनिल विज (अंबाला कैंट)
  2. सतपाल जांबा (पुंडरी)
  3. हरविंदर कल्याण (घरौंडा)
  4. घनश्याम दास अरोड़ा (यमुनानगर)
  5. कृष्ण मिड्डा (जींद)
  6. लक्ष्मण यादव (रेवाड़ी)
  7. रणबीर गंगवा (बरवाला)
  8. आदित्य चौटाला (डबवाली)

इन विधायकों ने हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इनका कहना है कि अफसरशाही पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है।

अफसरशाही का बोलबाला?


अब सवाल ये है कि आखिर क्यों BJP के अपने ही विधायक और मंत्री इतने नाराज हैं? दोस्तों, मामला ट्रांसफर-पोस्टिंग का है। हरियाणा में कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर का पूरा खेल CMO यानी मुख्यमंत्री कार्यालय के हाथ में है। यहाँ तक कि एक चपरासी, माली या स्वीपर जैसे ग्रुप-D कर्मचारियों का ट्रांसफर भी बिना CM की मंजूरी के नहीं हो सकता! और यही बात मंत्रियों और विधायकों को चुभ रही है। एक कैबिनेट मंत्री ने मीटिंग में खुलासा किया कि उनकी 200 से ज्यादा ट्रांसफर फाइलें CMO में अटकी पड़ी हैं! और दोस्तों, कुल मिलाकर 1500 से ज्यादा फाइलें ऐसी हैं, जो महीनों से धूल खा रही हैं!

मंत्रियों के पास पावर जीरो?


और अब सबसे बड़ा खुलासा! हरियाणा में मंत्रियों के पास ट्रांसफर का कोई अधिकार ही नहीं है! जी हाँ, ना ग्रुप-B के अधिकारी, ना ही ग्रुप-D के कर्मचारी, कोई भी ट्रांसफर मंत्रियों के कहने पर नहीं हो सकता। सारा कंट्रोल CMO और CM नायब सैनी के पास है।और यही वजह है कि BJP के अपने ही विधायक और मंत्री अपनी सरकार से खफा हैं। पहले मनोहर लाल खट्टर के टर्म में मंत्रियों को कुछ समय के लिए ट्रांसफर की पावर मिली थी, लेकिन अब वो भी खत्म!


तो दोस्तों, ये थी हरियाणा की सियासत की ताजा कहानी! BJP की सत्ता में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। अफसरशाही का दबदबा, विधायकों की नाराजगी, और जलेबी की तरह घूमती फाइलें – ये सब हरियाणा की राजनीति में नया तूफान ला रहा है। आप क्या सोचते हैं? क्या CM नायब सैनी इस बवाल को कंट्रोल कर पाएंगे? या ये नाराजगी BJP के लिए बड़ी मुसीबत बनने वाली है?

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