Haryana Desk: हरियाणा में इस साल डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। प्रदेश में अब तक डेंगू के 105 मरीज सामने आ चुके हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि संक्रमण से अभी तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को खत्म करने के लिए अभियान चला रहा है।
झज्जर में सबसे ज्यादा मामले
प्रदेश में डेंगू के सबसे अधिक 24 मामले झज्जर जिले में सामने आए हैं। इसके अलावा गुरुग्राम और करनाल में 13-13, सोनीपत में 8, महेंद्रगढ़ में 7, चरखी दादरी में 6 और फरीदाबाद व सिरसा में 5-5 मरीज मिले हैं। बाकी मामले प्रदेश के अन्य जिलों से सामने आए हैं।
पिछले 11 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो हरियाणा में डेंगू के कारण 51 लोगों की जान जा चुकी है। वर्ष 2021 में प्रदेश में डेंगू के सबसे ज्यादा 11,836 मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद 2022 में 8,996, 2023 में 8,081 और 2024 में 6,469 मामले सामने आए थे।
मलेरिया के 79 मामले मिले
डेंगू के साथ ही इस साल हरियाणा में मलेरिया के भी 79 मामले सामने आए हैं। पिछले साल प्रदेश में मलेरिया के 202 मरीज मिले थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 30 जून तक 14.50 लाख से अधिक मलेरिया टेस्ट किए जा चुके हैं। इससे 4.66 फीसदी एबीईआर हासिल हुई, जबकि विभाग का लक्ष्य 3 फीसदी था।
डेंगू जांच के लिए 27 लैब सक्रिय
प्रदेश में डेंगू की जांच के लिए 27 प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी संदिग्ध मरीजों के नमूने लिए जा रहे हैं। निजी प्रयोगशालाओं में निर्धारित डेंगू जांच के लिए अधिकतम 600 रुपये शुल्क तय किया गया है।
1.58 करोड़ घरों का किया गया दौरा
मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर अभियान चलाया। 30 जून तक स्वास्थ्य टीमों ने प्रदेश में 1.58 करोड़ से अधिक घरों का दौरा किया। इस दौरान 17,113 घरों में मच्छरों के लार्वा पाए गए।
डेंगू मरीजों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में भी तैयारियां की गई हैं। प्रदेश में 267 वार्ड और कुल 1,070 बेड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने और समय पर मरीजों की पहचान के लिए निगरानी लगातार जारी है।


