चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति में सोमवार को अचानक उस समय सरगर्मी बढ़ गई, जब केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल सिंचाई, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी के सरकारी आवास पर पहुंचे। इस दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद किरण चौधरी भी वहां मौजूद थीं। तीनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बैठक हुई, जिसके बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। यद्यपि इस मुलाकात को औपचारिक (शिष्टाचार) भेंट बताया जा रहा है, लेकिन प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी संगठनात्मक समीकरणों के मद्देनजर इसे बेहद अहम माना जा रहा है।
मुलाकात की टाइमिंग के सियासी मायने
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बैठक का समय काफी महत्वपूर्ण है:
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किरण चौधरी की भूमिका: पूर्व राज्यसभा सांसद किरण चौधरी का कार्यकाल इसी वर्ष अप्रैल में समाप्त हुआ था और उन्हें पार्टी में अब तक कोई नई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली है।
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नई जिम्मेदारियों की चर्चा: ऐसे समय में पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का श्रुति व किरण चौधरी के आवास पर पहुंचना आने वाले दिनों में भाजपा संगठन के संभावित फेरबदल और नई जिम्मेदारियों की ओर इशारा कर रहा है।
राजेश खुल्लर की एंट्री ने बढ़ाई उत्सुकता
बैठक के बाद जब मनोहर लाल बाहर निकल रहे थे, उसी समय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी श्रुति चौधरी के आवास पर पहुंचे। इसके कुछ ही देर बाद राजेश खुल्लर, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की गाड़ी में बैठकर उनके साथ रवाना हो गए। इस घटनाक्रम ने सियासी अटकलों को और अधिक बल दे दिया है।
मुद्दों पर सस्पेंस बरकरार
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने केवल संसद सत्र की कार्यवाही पर ही बयान दिया और इस बैठक के एजेंडे पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए। फिलहाल तीनों में से किसी भी नेता या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात ने हरियाणा भाजपा और सरकार के भीतर आने वाले संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।


