HomeDharamहिंदू नव वर्ष 2026: 'रौद्र' संवत्सर का आगाज़ और भविष्यवाणियां

हिंदू नव वर्ष 2026: ‘रौद्र’ संवत्सर का आगाज़ और भविष्यवाणियां

Dharam Desk: वैदिक पंचांग के अनुसार, 19 मार्च 2026 (गुरुवार) से हिंदू नव वर्ष यानी विक्रम संवत 2083 शुरू होने जा रहा है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के साथ ही चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होगा, जो 26 मार्च को रामनवमी के साथ संपन्न होगा। इस नए साल को ‘रौद्र’ संवत्सर के नाम से जाना जाएगा।

ग्रहों का नया मंत्रिमंडल: गुरु बनेंगे राजा

ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार, 19 मार्च से ब्रह्मांड का नया मंत्रिमंडल प्रभावी होगा। इस वर्ष सत्ता की बागडोर निम्नलिखित ग्रहों के पास होगी:

  • राजा: देवगुरु बृहस्पति (गुरु)

  • मंत्री: मंगल

  • जलदायक (मेघेश): चंद्रमा

  • गृह मंत्री (दुर्गेश): चंद्रमा

  • वित्त व कृषि मंत्री: गुरु

  • खाद्य मंत्री: बुध

  • उद्योग व खनिज मंत्री: शनि

देश और दुनिया पर प्रभाव

‘रौद्र’ नाम के अनुरूप इस वर्ष कुछ उग्र और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं:

  • प्राकृतिक आपदाएं: बड़े भूकंप, ज्वालामुखी फटने और जल प्रलय जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। मौसम में भी असामान्य बदलाव और भीषण गर्मी की संभावना है।

  • वैश्विक अशांति: मध्य एशिया के साथ-साथ दक्षिण एशिया में भी तनाव और जनहानि के संकेत हैं।

  • भारत की स्थिति: राजनीति में बड़े उलटफेर, सीमा पर तनाव और आंतरिक आंदोलनों के कारण अस्थिरता का योग है। हालांकि, भारत किसी बड़ी तकनीक या खोज से दुनिया को हैरान भी करेगा।

आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य

  • व्यापार व कृषि: गुरु के राजा होने से वित्त, कृषि और पेट्रोलियम क्षेत्रों में नए मार्ग खुलेंगे। बारिश समय पर होगी, जिससे फसल उत्पादन अच्छा रहेगा।

  • बाजार: सोना-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा और महंगाई बढ़ सकती है।

  • साइबर सुरक्षा: डिजिटल अपराधों और ठगी के नए तरीके सामने आएंगे, जिससे जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।

राशियों पर असर और उपाय

यह नव संवत्सर मुख्य रूप से चार राशियों के लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है:

  1. मेष

  2. वृश्चिक

  3. धनु

  4. मीन इन राशियों के जातकों को करियर में तरक्की, धन लाभ और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।

विशेष सलाह: ग्रहों के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ, भगवान शिव की आराधना और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना लाभकारी सिद्ध होगा। यह वर्ष संयम और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वालों के लिए सफलता लेकर आएगा।

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