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657 करोड़ का बैंक घोटाला: CBI के रडार पर IAS प्रदीप कुमार, अग्रिम जमानत के लिए पहुंचे कोर्ट; गिरफ्तार IAS पंकज अग्रवाल निलंबित

चंडीगढ़: हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों को हिलाकर रख देने वाले 657 करोड़ रुपये के बहुचर्चित बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सीनियर अफसरों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। अब इस घोटाले में जांच एजेंसी की रडार पर निलंबित IAS अधिकारी प्रदीप कुमार आ गए हैं, जिनकी तलाश में CBI लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं दूसरी ओर, इसी मामले में जेल जा चुके IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को सरकार ने सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।

तीन दिन से ‘लापता’ हैं IAS प्रदीप कुमार, परिजनों को भी नहीं पता ठिकाना

सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तारी की तलवार लटकती देख IAS प्रदीप कुमार फिलहाल जांच एजेंसी की पहुंच से बाहर चल रहे हैं और उनका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है।

  • CBI की दबिश: CBI की टीमों ने गुरुवार को चंडीगढ़ में तीन अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, लेकिन प्रदीप कुमार का कोई सुराग नहीं मिला।

  • परिजनों का बयान: पूछताछ के दौरान परिवार के सदस्यों ने भी उनके ठिकाने को लेकर अनभिज्ञता जताई है। अधिकारी पिछले तीन दिनों से लापता हैं, हालांकि परिवार की ओर से अभी तक पुलिस में कोई गुमशुदगी की शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए पहुंचे कोर्ट, 2 जुलाई तक राहत नहीं

CBI की बढ़ती दबिश के बीच, IAS प्रदीप कुमार ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पंचकूला जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका दायर की है। अदालत ने इस अर्जी पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए CBI को नोटिस जारी किया है और मामले में 2 जुलाई 2026 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। तब तक अधिकारी पर गिरफ्तारी का संकट बना हुआ है।

IAS पंकज अग्रवाल सस्पेंड, 22 जून से प्रभावी माना जाएगा आदेश

इसी महाघोटाले में पहले ही गिरफ्तार हो चुके आर्किटेक्चर विभाग के प्रधान सचिव (IAS) पंकज अग्रवाल पर हरियाणा सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, पंकज अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन का नियम: सरकारी नियमों के तहत यदि कोई लोक सेवक (Public Servant) 24 घंटे से अधिक समय तक पुलिस या न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उसे स्वतः ही निलंबित माना जाता है। चूंकि CBI ने पंकज अग्रवाल को 22 जून 2026 की रात हिरासत में लिया था, इसलिए उनका निलंबन भी इसी तारीख से प्रभावी माना गया है।

फिलहाल, 657 करोड़ रुपये के इस बैंकिंग फ्रॉड की परतें खोलने में CBI मुस्तैदी से जुटी है और आने वाले दिनों में कुछ और रसूखदार नाम इस जांच की जद में आ सकते हैं।

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