तरनतारन: मॉनसून सीजन को ध्यान में रखते हुए तरनतारन जिला प्रशासन किसी भी संभावित बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिला प्रशासनिक परिसर (DAC) में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर राहुल ने अधिकारियों को पूर्व-तैयारियां पुख्ता रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि फिलहाल जिले में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है, फिर भी जनहित में सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है।
बाढ़ नियंत्रण पर खर्च हुए ₹17.32 करोड़
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि जिले को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए 17.32 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न बुनियादी ढांचागत सुधार कार्य संपन्न किए गए हैं:
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हरिके डैम का सुदृढ़ीकरण: 9 करोड़ रुपये की लागत से हरिके डैम को ऊंचा किया गया है, जबकि 6.50 करोड़ रुपये के बोल्डर स्टोन (पत्थरों) का उपयोग कर इसे और मजबूत बनाया गया है।
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नालों की सफाई: जल निकासी को सुचारू बनाने के लिए जिले के प्रमुख नालों की सफाई पर 1.82 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
संभावित खतरों से निपटने के बड़े उपाय
बैठक में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय करते हुए इमरजेंसी एक्शन प्लान पर चर्चा की गई:
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राहत और बचाव कार्य: संवेदनशील व बाढ़ संभावित इलाकों को चिन्हित कर लिया गया है।
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जरूरी आपूर्ति: आपात स्थिति के लिए राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।
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नदी-नालों की निगरानी: ड्रेनेज विभाग को डैम के जलस्तर पर लगातार 24 घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का संकल्प और उपस्थित अधिकारी
पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए डिप्टी कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि मॉनसून के दौरान जिलेवासियों के जान-माल की सुरक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने सभी एसडीएम (SDM) को अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों की खामियों को तुरंत दूर करने के आदेश दिए।
इस उच्चस्तरीय बैठक में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जी) डॉ. आदित्य शर्मा, एसडीएम तरनतारन डॉ. करणवीर सिंह, एसडीएम भिखीविंड जगदीप सिंह, एसडीएम पट्टी अमनदीप, एसपी सुखनिंदर सिंह, डीडीपीओ दविंदर सिंह, एक्सियन ड्रेनेज साहिल कुमार सहित NDRF, BSF और विभिन्न प्रशासनिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


