Punjab Desk: बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि संगठनों ने सोमवार को पंजाब बंद का आह्वान किया है। बंद के असर को देखते हुए जालंधर सहित राज्य के कई प्रमुख शहरों में सुरक्षा और एहतियाती इंतज़ाम कड़े कर दिए गए हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनज़र शहर के प्रमुख निजी स्कूलों ने अवकाश घोषित कर पढ़ाई को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया है।
सुरक्षा के लिहाज़ से निजी स्कूल बंद, ऑनलाइन हुई पढ़ाई
अभिभावकों को अग्रिम सूचना भेजकर जालंधर के कई बड़े शिक्षण संस्थानों ने फिजिकल कक्षाएं स्थगित करने का निर्णय लिया। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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एमजीएन (MGN) पब्लिक स्कूल
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सेठ हुक्मचंद स्कूल
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इनोसेंट हार्ट्स स्कूल
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शिव ज्योति पब्लिक स्कूल
इन सभी संस्थानों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बंद की अपील
वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम जनता से एकजुट होकर समर्थन की अपील की है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, व्यावसायिक संगठनों की ओर से आधिकारिक तौर पर बंद में शामिल होने की कोई अलग से घोषणा नहीं की गई थी।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत 22 जुलाई को बरनाला में हुई, जहाँ अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर लाठीचार्ज किया गया था। मामला बढ़ने पर पंजाब सरकार ने संबंधित डीएसपी (DSP) को निलंबित कर दिया था। लेकिन वाल्मीकि संगठनों का स्पष्ट कहना है कि केवल निलंबन की कार्रवाई काफी नहीं है।
वाल्मीकि समाज की दो प्रमुख मांगें:
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बरनाला लाठीचार्ज की पूरी घटना की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए।
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निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और पीड़ित कर्मचारियों को तुरंत न्याय मिले।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
राज्य भर के अलग-अलग जिलों में शांतिपूर्ण रैलियों और रोष प्रदर्शनों की तैयारी की गई है। आयोजकों ने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की है कि आंदोलन को पूरी तरह से लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण रखें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


