Haryana News: हरियाणा में आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई ‘सीएम विंडो’ (CM Window) आज राज्य में सुशासन का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कड़े निर्देशों के बाद अब शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह निस्तारण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सीएम विंडो पर अब तक कुल 15,71,284 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 14,09,483 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है। शेष बची शिकायतों पर तय समय सीमा के भीतर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
“सिर्फ कागजी निपटारा नहीं, शिकायतकर्ता को मिले वास्तविक राहत”
मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव एवं सीएम विंडो मॉनिटरिंग के प्रभारी अजय कुमार ने सोमवार को चंडीगढ़ के हरियाणा निवास (सेक्टर-3) में विभिन्न विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं इस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करते हैं।
अजय कुमार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “सीएम विंडो पर आने वाला हर नागरिक सीधे मुख्यमंत्री से न्याय की उम्मीद रखता है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या केवल औपचारिक (कागजी) कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और तथ्यात्मक निस्तारण सुनिश्चित होना चाहिए।”
रैंडम जांच में खुली पोल: कृषि उपनिदेशक तलब, सरपंच पर गिरेगी गाज
समीक्षा बैठक के दौरान जब 16 शिकायतों की रैंडम (औचक) जांच की गई, तो कई विभागों की गंभीर लापरवाही और फाइलों को अटकाने का मामला सामने आया। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए:
-
फतेहाबाद: ढाणी माजरा निवासी बनवारी लाल को 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी ‘भावांतर भरपाई योजना’ का लाभ न मिलने पर नाराजगी जताई गई। इस मामले में कृषि विभाग के उपनिदेशक को आगामी सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से तलब किया गया है।
-
सोनीपत: नाथूपुर गांव में फर्जी बिलों के जरिए पंचायत फंड से करीब 68 लाख रुपये की हेराफेरी के मामले में आरोपी सरपंच के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
-
पानीपत: बेगमपुर ड्रेन से मिट्टी के कथित अवैध खनन और बिक्री की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) थमाया गया है।
DCs और SPs को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
प्रभारी अजय कुमार ने राज्य के सभी जिला उपायुक्तों (DCs), पुलिस अधीक्षकों (SPs) और विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित मामलों की खुद समीक्षा करें। उन्होंने साफ किया कि शिकायत का निस्तारण केवल फाइलों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखना चाहिए।
2014 से चल रहा है पारदर्शिता का यह सफर
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने 25 दिसंबर 2014 को सुशासन दिवस के मौके पर सीएम विंडो की शुरुआत की थी। जिला मुख्यालयों से शुरू हुई इस व्यवस्था को अब उपमंडल स्तर तक बढ़ा दिया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि शिकायत दर्ज होते ही आवेदक को एसएमएस (SMS) के जरिए पंजीकरण संख्या मिल जाती है, जिससे वे ऑनलाइन अपनी शिकायत का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी विवेक कालिया, के.एस. संधू सहित विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी भी मौजूद रहे।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

