रोहतक (हरियाणा): मेहनत, लगन और परिवार के मजबूत सहयोग से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। इसका बेहतरीन उदाहरण हैं गाजियाबाद की बेटी और रोहतक की बहू मेघा चौधरी, जिनका चयन भारतीय महिला नेटबॉल टीम में हुआ है। वह अब 14वीं एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 8 अगस्त से हांगकांग (चीन) में आयोजित होगी।
राष्ट्रीय शिविर में शानदार प्रदर्शन के बाद मिली जगह
भारतीय टीम के चयन के लिए हरियाणा के खानपुर में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। इस कैंप में देशभर के 21 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चयन प्रक्रिया के बाद 12 खिलाड़ियों की अंतिम टीम घोषित की गई, जिसमें मेघा चौधरी ने अपने दमदार प्रदर्शन के बल पर स्थान बनाया।
इस बार हरियाणा से चार खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जबकि रोहतक जिले से मेघा अकेली खिलाड़ी हैं जिन्हें टीम इंडिया में जगह मिली है। इससे पहले भी वह पांच बार एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप में भारत की ओर से खेल चुकी हैं। इस चयन के साथ वह छठी बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
2007 में शुरू हुआ खेल सफर
मेघा ने वर्ष 2007 में नेटबॉल खेलना शुरू किया। उनके परिवार का खेलों से कोई विशेष जुड़ाव नहीं था, लेकिन उनकी लंबाई और खेल क्षमता ने उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया। वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भारतीय महिला नेटबॉल टीम के चयन शिविर में उन्हें शामिल होने का मौका मिला। वहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और पहली बार भारतीय टीम में जगह बनाई।
बॉक्सिंग में भी बनाई पहचान
कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद नेटबॉल की सीमित सुविधाओं के कारण मेघा ने कुछ समय के लिए बॉक्सिंग का रुख किया। उन्होंने भिवानी में प्रशिक्षण लिया और वर्ष 2018 तक सीनियर राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
हालांकि, नेटबॉल के प्रति उनका लगाव कभी कम नहीं हुआ। वर्ष 2018 में रोहतक निवासी अमन दहिया से विवाह के बाद उन्हें परिवार का पूरा सहयोग मिला और उन्होंने दोबारा नेटबॉल में वापसी की। वापसी के बाद उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक नौ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
परिवार को दिया सफलता का श्रेय
भारतीय टीम में एक बार फिर चयनित होने पर मेघा चौधरी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस उपलब्धि का सबसे बड़ा श्रेय उनके पति अमन दहिया और पूरे परिवार को जाता है। उनके अनुसार, परिवार के सहयोग और विश्वास ने उन्हें हर चुनौती का सामना करने की ताकत दी। मेघा ने कहा कि भारत की जर्सी पहनना हमेशा गर्व का विषय होता है और इस बार भी उनका लक्ष्य देश के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने सरकार और खेल संगठनों से अपील करते हुए कहा कि यदि नेटबॉल जैसे खेलों को भी बेहतर सुविधाएं, संसाधन और प्रोत्साहन दिया जाए तो देश की कई प्रतिभाशाली बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर सकती हैं।


