नई दिल्ली/चंडीगढ़: सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर परियोजना को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2016 में हरियाणा के पक्ष में फैसला सुनाया था, लेकिन आठ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राज्य को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध नहीं कराया गया।
जल शक्ति मंत्रालय की बैठक में उठाया मुद्दा
नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक के दौरान दीपेंद्र हुड्डा ने SYL नहर का मुद्दा प्रमुखता से रखा। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित हरियाणा के कई सांसद मौजूद थे।
हुड्डा ने मांग की कि केंद्र सरकार इस मामले में जल्द पहल करे और सभी सांसदों को प्रधानमंत्री से मिलने का समय दिलाया जाए, ताकि SYL नहर से जुड़े लंबे समय से लंबित विवाद का समाधान निकल सके।
हरियाणा के अधिकार की लड़ाई लड़ने की बात
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के किसानों और प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए सभी विपक्षी सांसद राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट हैं। उनका कहना था कि यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा के अधिकारों से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि राज्य को उसके हिस्से का पानी दिलाना संवैधानिक अधिकार है और इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर प्रयास करने चाहिए। उनके अनुसार, यदि केंद्र सरकार गंभीरता से पहल करे तो वर्षों से लंबित SYL नहर विवाद का समाधान संभव है।
दीपेंद्र हुड्डा ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेकर हरियाणा को उसके वैधानिक अधिकार के अनुरूप पानी उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।


