चंडीगढ़: उत्तराखंड की एक राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन को लेकर लगाए गए आरोपों ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। खिलाड़ी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने अपनी परेशानी बताते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उसका अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ था, लेकिन उससे डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई। खिलाड़ी के मुताबिक, पैसे नहीं देने के कारण वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकी।
मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखते हुए खिलाड़ी भावुक हो गई और उसकी आंखों से आंसू निकल आए। इस पूरे मामले को लेकर अब हरियाणा कांग्रेस ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
खिलाड़ी ने मुख्यमंत्री के सामने सुनाई आपबीती
खिलाड़ी ने बताया कि उसने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल किया था। इसके बाद उसका चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ। हालांकि, उसके आरोप के मुताबिक, चयन के लिए उससे डेढ़ लाख रुपये मांगे गए।
खिलाड़ी का कहना है कि आर्थिक मांग पूरी नहीं कर पाने के कारण वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के मौके से वंचित रह गई। मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखते हुए वह भावुक हो गई और रोने लगी।
कुमारी शैलजा ने सरकार पर साधा निशाना
इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने मुख्यमंत्री धामी की कथित प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक बेटी अपनी मेहनत, सम्मान और देश के लिए खेलने का सपना लेकर मुख्यमंत्री के सामने पहुंची थी, इसलिए उसकी शिकायत को गंभीरता से सुना जाना चाहिए था।
शैलजा ने आरोप लगाया कि खिलाड़ी की बात पर कथित तौर पर ‘अच्छा, बैठ जाओ… कोई बात नहीं’ जैसी प्रतिक्रिया दी गई। उन्होंने कहा कि यह ‘कोई बात नहीं’ का मामला नहीं है, बल्कि खिलाड़ी के भविष्य, सम्मान और खेल व्यवस्था में पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर विषय है।
सुरजेवाला ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा, ‘एक आंसू भी हुकूमत के लिए खतरा है।’ उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलने का सपना देखने वाली एक राष्ट्रीय खिलाड़ी का इस तरह अपनी पीड़ा बताना गंभीर चिंता का विषय है।
सुरजेवाला ने खिलाड़ी द्वारा लगाए गए चयन प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि डेढ़ लाख रुपये मांगने का आरोप सही पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर खेल चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़ दिया है। पार्टी का कहना है कि खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
हालांकि, खिलाड़ी की ओर से लगाए गए डेढ़ लाख रुपये मांगने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।


