जालंधर: पंजाब के कई जिलों में मंगलवार रात से हुई भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। आनंदपुर साहिब, होशियारपुर, गुरदासपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं और कई जगहों पर आवागमन प्रभावित हुआ। गुरदासपुर में 24 घंटे के दौरान 155.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 14 वर्षों में एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश बताई जा रही है।
भारी बारिश के चलते दीनानगर के पास मकौड़ा पत्तन में रावी नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण किश्ती सेवा बंद करनी पड़ी, जिससे करीब सात गांवों का संपर्क जिले के अन्य हिस्सों से प्रभावित हो गया है।
आनंदपुर साहिब में सड़कों पर भरा पानी
आनंदपुर साहिब में मंगलवार देर रात शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कों पर दो से चार फीट तक पानी जमा हो गया।
मेन रोड से तख्त श्री केसगढ़ साहिब की ओर जाने वाली दोनों प्रमुख सड़कों पर भारी जलभराव हुआ। सुबह करीब 10 बजे तक श्रद्धालुओं को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। हालात का जायजा लेने के लिए कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक हरजोत बैंस ने विभिन्न इलाकों का दौरा किया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नदी-नालों से दूरी बनाए रखें और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घग्गर नदी फिर उफान पर
चंडीगढ़ की सुखना झील से पानी छोड़े जाने के बाद पटियाला जिले में घग्गर नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। गांव शम्सपुर के पास नदी के ओवरफ्लो होने से आसपास के इलाकों में पानी फैलने लगा है।
पानी खेतों और सड़कों तक पहुंच गया है, जिससे लोगों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो करीब 200 एकड़ फसल प्रभावित होने की आशंका है।
लगातार बारिश के कारण सुखना कैचमेंट एरिया में भी पानी का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
मुकेरियां सिविल अस्पताल में घुसा पानी
होशियारपुर जिले में भारी बारिश का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। मुकेरियां सिविल अस्पताल के परिसर और निचली मंजिल के कई हिस्सों में बारिश का पानी भर गया। करीब 10 घंटे तक अस्पताल में जलभराव रहने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई।
पानी इमरजेंसी वार्ड, मरीजों के कमरों, डॉक्टरों के कक्ष और कुछ कार्यालयों तक पहुंच गया। सुरक्षा के मद्देनजर अस्पताल की बिजली आपूर्ति भी कुछ समय के लिए बंद करनी पड़ी। हालात बिगड़ने के कारण कर्मचारियों को ओपीडी की पर्चियां भी हाथ से तैयार करनी पड़ीं।
एसएमओ रमन कुमार के अनुसार, नगर परिषद की मदद से टैंकरों के जरिए अस्पताल से पानी बाहर निकाला गया, जिसके बाद स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो गईं।
गुरदासपुर और पठानकोट में सामान्य से ज्यादा बारिश
आंकड़ों के अनुसार पंजाब में अब तक करीब 212.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा का आंकड़ा 318.2 मिलीमीटर है। राज्य में अब भी सामान्य से करीब 33 प्रतिशत कम बारिश बताई जा रही है।
हालांकि गुरदासपुर और पठानकोट की स्थिति अलग है। एक जून से 19 अगस्त तक गुरदासपुर में 635.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 452.7 मिलीमीटर है। यानी यहां सामान्य से करीब 41 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।
पठानकोट में इस अवधि के दौरान 932.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य आंकड़ा 717.8 मिलीमीटर है। यहां सामान्य से करीब 30 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। दोनों जिलों को फिलहाल ग्रीन जोन में रखा गया है।
आज भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को पंजाब के कुछ जिलों में हल्की से सामान्य बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम में कुछ सुधार आने की संभावना है। हालांकि 26 अगस्त से मानसून के फिर सक्रिय होने का अनुमान है, जिसके बाद लगातार चार दिनों तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।


