नई दिल्ली: ‘द ट्रेटर्स इंडिया’ का दूसरा सीजन शुरू होते ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। करण जौहर की होस्टिंग में प्राइम वीडियो के इस रियलिटी शो में रणनीति, गुप्त गठबंधन और धोखे का खेल लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में शूट किए गए सीजन की स्ट्रीमिंग 13 अगस्त से शुरू हुई थी। पहले तीन एपिसोड के बाद शो में कई बड़े ट्विस्ट देखने को मिले हैं।
शुरुआती ‘केज चैलेंज’ के बाद अभिनेता दिलीप ताहिल शो से बाहर होने वाले पहले कंटेस्टेंट बने थे। हालांकि, उनके एग्जिट के साथ ही कहानी में बड़ा मोड़ आया। एपिसोड 4 में ताहिल ने वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर दोबारा शो में एंट्री कर ली।
रणवीर बरार और अभिषेक मल्हान भी हुए बाहर
शो से बाहर होने वाले बड़े नामों में सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार भी शामिल हैं। कार्ड आधारित चैलेंज के दौरान उनकी किस्मत का फैसला हुआ। उन्हें दो ‘डेथ कार्ड’ मिलने के बाद उनका ‘द ट्रेटर्स’ का सफर खत्म हो गया।
इसके बाद अभिषेक मल्हान को भी गेम से बाहर कर दिया गया। अभिषेक लगातार ‘ट्रेटर्स’ के तौर पर खेल रहे कंटेस्टेंट्स को पहचानने की कोशिश कर रहे थे और उनकी बढ़ती सक्रियता उन्हें गेम के लिए बड़ा खतरा बना रही थी। आखिरकार ‘ट्रेटर्स’ ने उन्हें रास्ते से हटाने का फैसला किया।
क्रिस्टल डिसूजा पर शक करना पारुल को पड़ा भारी
पारुल गुलाटी लगातार क्रिस्टल डिसूजा पर नजर रख रही थीं और उन्हें शक था कि क्रिस्टल गेम में कुछ छिपा रही हैं। इसी वजह से पारुल को ‘सर्कल ऑफ शक’ में पहुंचना पड़ा।
वोटिंग के दौरान दोनों के बीच मुकाबला बराबरी पर रहा, लेकिन कुल्लू के वोट ने पूरा समीकरण बदल दिया। उन्होंने पारुल के खिलाफ वोट किया, जिसके बाद पारुल को शो से बाहर होना पड़ा और क्रिस्टल गेम में बनी रहीं।
एग्जिट के दौरान पारुल भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख नहीं है कि वोट देकर बाहर किया गया, बल्कि उन्हें इस बात ने परेशान किया कि इस गेम में किसी पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल है।
21 सेलिब्रिटीज के बीच जीत की जंग
‘द ट्रेटर्स इंडिया’ के दूसरे सीजन को धर्माटिक एंटरटेनमेंट ने All3Media इंटरनेशनल के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। यह शो इंटरनेशनल फॉर्मेट पर आधारित है, जिसे BAFTA और एमी अवॉर्ड्स मिल चुके हैं।
इस सीजन में अलग-अलग क्षेत्रों से 21 सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट्स हिस्सा ले रहे हैं। सभी की नजर कैश प्राइज जीतने पर है, लेकिन इसके लिए उन्हें न सिर्फ अपनी रणनीति मजबूत रखनी होगी, बल्कि उन खिलाड़ियों को भी पहचानना होगा जो गुप्त रूप से ‘ट्रेटर्स’ बनकर उनके खिलाफ खेल रहे हैं।


