‘लावारिसों के वारिस’ जतिंदर सिंह शंटी बने पंजाब मानवाधिकार आयोग के सदस्य

Punjab

पंजाब: मानवता की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले और पद्म श्री से सम्मानित जतिंदर सिंह शंटी को पंजाब सरकार ने पंजाब मानवाधिकार आयोग का नया सदस्य नियुक्त किया है। शहीद भगत सिंह सेवा दल के संस्थापक शंटी पिछले 25 वर्षों से लावारिस शवों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की सेवा निभा रहे हैं। उन्होंने अब तक 70,000 से अधिक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करवाया है। कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना उन्होंने 4,200 से ज्यादा पीड़ितों का अंतिम संस्कार कर एक मिसाल कायम की थी।

शंटी का मानना है कि सम्मानजनक विदाई हर मृतक का मानवाधिकार है। इसी उद्देश्य से वे शव वाहन, मोबाइल मोर्चरी और अस्थि विसर्जन जैसी सेवाएं निशुल्क प्रदान करते रहे हैं। वे केवल मृतकों के लिए ही नहीं, बल्कि जीवित मरीजों के अधिकारों के लिए भी लड़ते रहे हैं। अस्पतालों द्वारा शव रोके जाने के खिलाफ आवाज उठाने से लेकर आपदा राहत कार्यों तक, शंटी हमेशा सबसे आगे रहे हैं। 106 बार रक्तदान कर चुके शंटी की नियुक्ति से उम्मीद की जा रही है कि पंजाब में मानवाधिकारों के संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी।

 

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