लुधियाना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को लुधियाना स्थित हलवारा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन के अवसर पर केंद्र सरकार के समक्ष एक बड़ी मांग रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू की उपस्थिति में किए गए इस उद्घाटन के दौरान, मुख्यमंत्री ने पुरजोर शब्दों में कहा कि इस हवाई अड्डे का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने शहीद सराभा को देश के सबसे कम उम्र के क्रांतिकारियों में से एक बताते हुए इसे उनके प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि करार दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने शहीद करतार सिंह सराभा के प्रेरणादायी जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शहीद सराभा इसी मिट्टी के लाल थे, जिन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित बर्कले यूनिवर्सिटी में एविएशन की पढ़ाई करने के बावजूद अपने सुनहरे भविष्य का त्याग कर मात्र 19 वर्ष की आयु में मातृभूमि की आजादी के लिए फांसी के फंदे को चूम लिया था। मुख्यमंत्री ने गर्व से उल्लेख किया कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह भी उन्हें अपना आदर्श मानते थे और उनके बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी थी। उन्होंने कहा कि पंजाब की हर इंच मिट्टी शहीदों के बलिदान की गवाह है और शहीद सराभा के नाम पर इस हवाई अड्डे का नामकरण होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय होगा।
मुख्यमंत्री ने पंजाब के हवाई अड्डों के नामकरण को लेकर अपनी सरकार के विजन को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रमुख हवाई अड्डों को गुरुओं और शहीदों के नाम पर समर्पित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में अमृतसर एयरपोर्ट श्री गुरु रामदास जी और आदमपुर एयरपोर्ट श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर है, जबकि मोहाली एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा जा चुका है। गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर चल रही है और संस्थानों का नामकरण महान विभूतियों के नाम पर करना इसी सोच का हिस्सा है।
हलवारा एयरपोर्ट के सामरिक और ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने भारतीय सशस्त्र बलों का आभार जताया जिन्होंने टर्मिनल भवन के निर्माण में सहयोग दिया। उन्होंने केंद्र सरकार को याद दिलाया कि 22 मार्च 2023 को पंजाब विधानसभा पहले ही सर्वसम्मति से इस हवाई अड्डे का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आने वाले समय में केंद्र के साथ मिलकर इस एयरपोर्ट की हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने पर चर्चा करेगी ताकि क्षेत्र के विकास को और गति मिल सके और युवाओं को अपने नायकों की विरासत से प्रेरणा मिलती रहे।
