चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की कानूनी स्वतंत्रता और स्वायत्तता को लेकर ‘आप’ सांसद मलविंदर सिंह कंग ने एक अहम कदम उठाया है। उन्होंने भारत के उपराष्ट्रपति और पीयू के कुलाधिपति सी.पी. राधाकृष्णन को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा है। सांसद कंग ने केंद्र सरकार के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें यूनिवर्सिटी की सीनेट और सिंडिकेट के पुनर्गठन संबंधी नोटिफिकेशन को वापस लिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे नाकाफी बताते हुए कहा कि यह छात्रों की समस्याओं का पूर्ण समाधान नहीं है।
अपने पत्र में कंग ने यूनिवर्सिटी के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि 1882 में स्थापित यह संस्थान राष्ट्रीय धरोहर है। उन्होंने जोर दिया कि यूनिवर्सिटी के ढांचे में कोई भी बदलाव 1947 के पंजाब यूनिवर्सिटी एक्ट और भारत के संघीय ढांचे के अनुरूप ही होना चाहिए। एक पूर्व छात्र नेता होने के नाते कंग ने यूनिवर्सिटी से अपने भावनात्मक जुड़ाव को भी रेखांकित किया और उपराष्ट्रपति से मार्गदर्शन की अपील की ताकि पीयू उत्कृष्टता के नए आयाम छू सके।
