पुलिस लॉरेंस बिश्नोई गैंग के चार गुर्गों को फायरिंग के बाद गिरफ्तार कर बड़ी आतंकी साजिश को किया नाकाम

Punjab

चंडीगढ़/एसएएस नगर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के तहत पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के दौरान, एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने एसएएस नगर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में आज दोपहर डेरा बस्सी-अंबाला हाईवे पर स्टील स्ट्रिप्स टावरों के पास हुई दो तरफ़ा गोलीबारी के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेश-आधारित गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के चार सहयोगियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी आतंकी साज़िश को नाकाम कर दिया है। यह जानकारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने यहां दी।
गिरफ्तार किये गये व्यक्तियों की पहचान हरविंदर सिंह उर्फ भोला उर्फ हनी और लखविंदर सिंह, दोनों निवासी ढकांसू कलां, राजपुरा, पटियाला तथा मुहम्मद समीर और रोहित शर्मा, दोनों निवासी राजपुरा, पटियाला के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से 70 जिंदा कारतूसों समेत सात .32 बोर पिस्तौल भी बरामद किए हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार किये गये व्यक्ति अपने विदेशी हैंडलर के निर्देशों पर काम कर रहे थे और ट्राइसिटी व पटियाला क्षेत्र में टार्गेटेड हमले करने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि मामले के अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एजीटीएफ प्रमोद बान ने कहा कि डेरा बस्सी-अंबाला हाईवे से लगे एक घर में इन गुर्गों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इस पर तेज़ी से कार्रवाई करते हुए डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ की अगुवाई में एजीटीएफ और एसएएस नगर पुलिस की संयुक्त टीमों ने इलाके को घेर लिया।
एडीजीपी ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान जब टीमों ने आरोपियों को दबोचने की कोशिश की, तो संदिग्धों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान गोलियां हवलदार गगनदीप सिंह और सिपाही गुलाब सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं। एडीजीपी ने बताया कि जवाबी फायरिंग में संदिग्ध हरविंदर सिंह उर्फ भोला और मुहम्मद समीर भी घायल हुए, जिन्हें बाकी दो आरोपियों सहित काबू कर लिया गया।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एसएएस नगर हरमनदीप हंस ने बताया कि गिरफ्तार चारों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि इस मॉड्यूल के अन्य गुर्गों की पहचान के लिए आगे जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगियां होने की संभावना है।
इस मामले में थाना डेरा बस्सी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर नंबर 345, दिनांक 26.11.2025 दर्ज की गई है।

 

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