चंडीगढ़: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य से नशे के खात्मे और युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ‘खेलता पंजाब, बदलता पंजाब’ पहल के तहत राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े मास्टरप्लान का ऐलान किया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि नशे के खिलाफ जंग केवल पुलिस और कानून के डंडे से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए युवाओं को रचनात्मक, अनुशासित और प्रतिस्पर्धी खेल गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है।
पंजाब की खोई हुई खेल संस्कृति को जमीनी स्तर पर फिर से जिंदा करने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर मॉडल खेल मैदान और जिम बनाने का संकल्प लिया है। वित्त मंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में जिला स्तर पर इसकी तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। पूरे राज्य में 3,000 से अधिक गांवों में शानदार मॉडल खेल मैदान बनाए जा रहे हैं। इन अत्याधुनिक मैदानों में जॉगिंग ट्रैक, फुटबॉल और वॉलीबॉल कोर्ट के साथ-साथ बच्चों के खेलने के लिए विशेष जगह और महिलाओं-पुरुषों के लिए अलग शौचालय की सुविधा होगी। इन प्रोजेक्ट्स पर करीब 1,100 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इनके जून 2026 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।
मैदानों के अलावा युवाओं की फिटनेस को ध्यान में रखते हुए पंजाब के ग्रामीण इलाकों में 1,000 नए इंडोर जिम भी स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि ये सभी जिम अप्रैल 2026 तक बनकर तैयार हो जाएं ताकि युवा इनका भरपूर लाभ उठा सकें। वित्त मंत्री हरपाल सिंह ने दावा किया कि पंजाब के इतिहास में किसी भी सरकार द्वारा खेलों के क्षेत्र में किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। मान सरकार के इन शानदार प्रयासों से न केवल युवाओं में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है, बल्कि गांवों के सूने पड़े मैदान अब एक जीवंत और खुशहाल सामुदायिक केंद्र में बदलने लगे हैं।
