चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य के बिजली क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक बदलावों को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार न केवल पुरानी जर्जर व्यवस्था की कमियों को दूर कर रही है, बल्कि जनता से किए गए अपने हर चुनावी वादे को भी पूरी ईमानदारी से जमीनी स्तर पर लागू कर रही है। राज्य के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है कि आज पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों में बिजली का बिल शून्य आ रहा है। इसके साथ ही सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि किसानों और उद्योगों को दी जा रही मुफ्त बिजली और सब्सिडी बिना किसी कटौती के लगातार जारी रहेगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार बिजली व्यवस्था को और अधिक कुशल और आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। एक सोची-समझी रणनीति के तहत राज्य के सब्सिडी खर्च को लगभग 25 प्रतिशत तक कम करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके लिए पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के दौरान होने वाले भारी घाटे को कम करने का कड़ा लक्ष्य रखा है। सरकार की इस सुशासन और सुधार की नीति से सरकारी खजाने में करीब 5,000 करोड़ रुपये की बड़ी बचत होने की उम्मीद है।
राज्य में बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने ‘मिशन रोशन पंजाब’ की शानदार शुरुआत की है। इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत पूरे पंजाब में बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत करने और इसका विस्तार करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य एकदम स्पष्ट है कि हर घर, हर खेत और हर फैक्ट्री तक बिना किसी कट के 24 घंटे बिजली पहुंचाई जाए। तकनीकी नुकसान को रोकने और बिजली सप्लाई को फुलप्रूफ बनाने के लिए राज्य भर में 70 नए अत्याधुनिक सबस्टेशन भी बनाए जा रहे हैं।
