चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए अपनी मुहिम को और ज्यादा धारदार बना दिया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ सरकार की यह जंग कोई दिखावा या अस्थाई कदम नहीं है, बल्कि यह नशीले पदार्थों के पूरी तरह खात्मे तक चलने वाला एक निरंतर और सख्त अभियान है। उन्होंने साफ कर दिया है कि पंजाब की जवानी को बर्बाद करने वाले किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।
वित्त मंत्री ने सख्त लहजे में आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पिछले साल एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत राज्य भर में 36,686 मामले दर्ज किए गए हैं। खुफिया तंत्र और पुलिस के सटीक तालमेल से 52,331 नशा तस्करों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की गई है और 33,000 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों की बड़ी खेप जब्त की गई है। तस्करों के नेटवर्क को जड़ से नेस्तनाबूद करने के लिए अब केवल गिरफ्तारी ही काफी नहीं है, बल्कि अवैध नशे के कारोबार से बनाई गई करोड़ों की संपत्तियों को कुर्क करने के लिए वित्तीय जांच को भी बेहद सख्त कर दिया गया है।
नशे के काले कारोबार को जमीनी स्तर पर खत्म करने के लिए सरकार ने आम जनता को भी इस ऐतिहासिक जंग का हिस्सा बना लिया है। राज्य भर में लगभग 12,000 ‘ग्राम रक्षा समितियां’ गठित की गई हैं, जिनमें 1.25 लाख से अधिक सक्रिय सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा कम्युनिटी सर्विलांस (सामुदायिक निगरानी) को और मजबूत करने के लिए हजारों ‘पिंडां दे पहरेदार’ (गांवों के चौकीदार) वॉलंटियर्स को भी मैदान में उतारा गया है। ये आम लोग अब पुलिस के कान और आंख बनकर गांव-गांव में तस्करों की हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं।
ग्राम रक्षा समितियों का यह फॉर्मूला जमीनी स्तर पर जबरदस्त असर दिखा रहा है। वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि इन समितियों की सक्रियता और उनकी ओर से मिली सटीक सूचनाओं के आधार पर सिर्फ पिछले दो महीनों के भीतर ही 350 से अधिक एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। इन गुप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 510 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। सरकार का दावा है कि पुलिस और जनता के इस मजबूत गठजोड़ से पंजाब जल्द ही नशा मुक्त राज्य बनकर उभरेगा।
