Punjab Desk: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार के चार साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए स्वास्थ्य, कृषि और सिंचाई क्षेत्रों में किए गए क्रांतिकारी सुधारों का विवरण साझा किया है। सरकार का अब मुख्य ध्यान राज्य के मेडिकल बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने पर है।
स्वास्थ्य क्षेत्र: मेडिकल कॉलेजों और क्लीनिकों का विस्तार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि होशियारपुर और कपूरथला में नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही काम शुरू होगा। वहीं, मलेरकोटला में बनने वाले कम्युनिटी मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन अधिग्रहण अंतिम चरण में है, जिसे मुख्यमंत्री ने ईद के मौके पर जनता के लिए एक बड़ा तोहफा बताया है।
राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को घर-घर पहुँचाने के लिए 28 मार्च को 100 नए मोहल्ला क्लीनिक शुरू किए जाएंगे। वर्तमान में 883 क्लीनिक चल रहे हैं और जल्द ही इनकी कुल संख्या 1,400 तक पहुँच जाएगी। अब तक इन क्लीनिकों की ओपीडी 5 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है, जो पंजाब के स्वास्थ्य मॉडल की सफलता को दर्शाता है।
मुफ्त इलाज और सख्त जवाबदेही
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सभी इलाज और दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। सीएम मान ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अस्पताल में दवाओं की कमी पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों (SMO) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दवाओं की खरीद के लिए एसएमओ को पहले ही पर्याप्त फंड जारी किए जा चुके हैं ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
सिंचाई और राजस्थान से पानी की रॉयल्टी का मुद्दा
सिंचाई और कृषि विभाग की उपलब्धियां बताते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खुद को ‘पानी का रक्षक’ बताने वालों ने सही प्रबंधन नहीं किया। मुख्यमंत्री ने राजस्थान सरकार से 1.44 करोड़ रुपये की पानी की रॉयल्टी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि 1960 के बाद से राजस्थान ने इस बकाया का भुगतान नहीं किया है और अब इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।