Punjab Desk: लुधियाना के औद्योगिक परिदृश्य में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। टाटा स्टील ने हाईटेक वैली में देश का पहला ‘ग्रीन स्टील प्लांट’ स्थापित कर पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम पेश किया है। इस अत्याधुनिक प्लांट का उद्घाटन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा किया गया।
तकनीक और निवेश की बड़ी छलांग
करीब 3,200 करोड़ रुपये की भारी लागत से तैयार यह प्लांट 115 एकड़ में फैला है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 7.5 लाख टन है। इस प्लांट की सबसे बड़ी विशेषता इसकी इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) तकनीक है। इस विधि में पुराने लोहे और स्क्रैप को गलाकर नया स्टील बनाया जाता है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की बचत होती है और पारंपरिक मिलों की तुलना में कार्बन उत्सर्जन न के बराबर होता है।
प्रदूषण मुक्त उत्पादन और ‘टाटा टिस्कॉन’
कंपनी का दावा है कि यहाँ ‘ग्रीन पावर’ का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रदूषण का स्तर लगभग शून्य रहेगा। यहाँ मुख्य रूप से निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाला टाटा टिस्कॉन (रीबार) तैयार किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट उद्योग और प्रकृति के बीच संतुलन बिठाने का एक वैश्विक उदाहरण पेश करता है।
रोजगार के नए अवसर
इस मेगा प्रोजेक्ट से लुधियाना और आसपास के युवाओं के लिए खुशहाली के रास्ते खुलेंगे:
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2,500 नए रोजगार: प्लांट के जरिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग ढाई हजार लोगों को काम मिलेगा।
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स्थानीय प्राथमिकता: रोजगार के इन अवसरों में स्थानीय युवाओं को तरजीह दी जाएगी।
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अगली योजना: टाटा स्टील ने लुधियाना में ही 3,200 करोड़ रुपये की लागत वाले एक और बड़े स्टील प्लांट की आधारशिला भी रख दी है।