Haryana Desk: हरियाणा के कैथल जिले के गांव रोहड़ा से एक अत्यंत हृदयविदारक खबर सामने आई है। रूस-यूक्रेन युद्ध की भेंट चढ़े 21 वर्षीय भारतीय युवक गीतिक शर्मा का पार्थिव शरीर करीब 6 महीने के लंबे इंतजार के बाद आज स्वदेश लौटा। एयरपोर्ट पर जैसे ही बेटे का शव परिजनों को सौंपा गया, वहां मौजूद हर आंख नम हो गई और परिवार में कोहराम मच गया।
गीतिक शर्मा के इस दुखद सफर की शुरुआत तब हुई जब वह स्टडी वीजा पर रूस गया था। बताया जा रहा है कि गीतिक का सपना भारतीय सेना में सेवा देने का था और वह इसके लिए कड़ी तैयारी भी कर रहा था, लेकिन एक दोस्त के बुलावे पर वह रूस चला गया। वहां पहुंचने के बाद वह रूसी सेना में भर्ती हो गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गीतिक को मात्र 25 दिनों की संक्षिप्त ट्रेनिंग दी गई और उसके तुरंत बाद सीधे युद्ध की फ्रंटलाइन पर तैनात कर दिया गया। रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के दौरान उसकी जान चली गई। करीब आधे साल तक चले कूटनीतिक प्रयासों और इंतजार के बाद आज उसका शव भारत लाया जा सका।
जैसे ही गीतिक का पार्थिव शरीर उसके पैतृक गांव रोहड़ा पहुँचा, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव का हर नागरिक इस होनहार युवक की असमय मृत्यु से स्तब्ध है। उल्लेखनीय है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में जान गंवाने वाला हरियाणा का यह पाँचवां युवा है, जो विदेशी धरती पर युद्ध की विभीषिका का शिकार हुआ है।