Haryana Desk: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने घोषणा की है कि प्रदेश की लगभग 3 लाख किशोरियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीन मुफ्त लगाई जाएगी। अब तक 3280 लड़कियों का टीकाकरण हो चुका है। सरकार ने 14 साल की लड़कियों की सटीक पहचान के लिए सभी जिलों में ‘हेड काउंट सर्वे’ के निर्देश दिए हैं।
HPV वैक्सीन: सुरक्षा और मानक
मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा शुरू की गई यह वैक्सीन विशेष रूप से सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार वायरस (टाइप 16 और 18) से सुरक्षा प्रदान करती है।
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टारगेट ग्रुप: वैसी किशोरियां जिन्होंने 14 साल की उम्र पूरी कर ली है लेकिन अभी 15 की नहीं हुई हैं।
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सावधानी: वैक्सीन खाली पेट नहीं लगवानी चाहिए और टीकाकरण के बाद 30 मिनट तक डॉक्टर की निगरानी में रुकना अनिवार्य है।
WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के मुख्य दिशानिर्देश
WHO सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए HPV टीकाकरण को सबसे प्रभावी तरीका मानता है। इसके प्रमुख मानक निम्नलिखित हैं:
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प्राथमिकता: 9 से 14 वर्ष की आयु की लड़कियों को टीकाकरण की मुख्य प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि यह यौन सक्रिय होने से पहले सबसे प्रभावी होती है।
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डोज शेड्यूल: WHO के नए सुझावों के अनुसार, 9-20 वर्ष की आयु के लिए एक या दो डोज का शेड्यूल पर्याप्त सुरक्षा दे सकता है।
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स्क्रीनिंग: टीकाकरण के साथ-साथ 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए नियमित सर्वाइकल स्क्रीनिंग (जैसे Pap Smear या HPV टेस्ट) भी जरूरी है।
विश्व टीबी दिवस: 2025 तक हरियाणा को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री ने ‘विश्व टीबी दिवस’ पर 100 दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार, हरियाणा को वैश्विक लक्ष्य (2030) से पहले ही टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया गया है।
WHO की ‘End TB Strategy’ के सुझाव
WHO के अनुसार टीबी खत्म करने के लिए इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है:
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शीघ्र पहचान: खांसी या बुखार जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत जाँच करवाएं।
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पूरा इलाज: टीबी की दवा बीच में न छोड़ें, क्योंकि इससे ‘मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट टीबी’ (MDR-TB) का खतरा बढ़ जाता है।
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पोषण: टीबी के मरीजों को उच्च प्रोटीन वाला आहार और सरकार द्वारा दी जाने वाली ‘निक्षय पोषण योजना’ का लाभ मिलना चाहिए।