Punjab Desk: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ बुजुर्गों और जरूरतमंदों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रही है। मोगा जिले में इस योजना का एक बेहद मानवीय उदाहरण सामने आया है, जहाँ 98 वर्षीय बुजुर्ग महिला मुख्तियार कौर को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का पूरी तरह कैशलेस और सम्मानजनक इलाज मिला।
मोगा की रहने वाली मुख्तियार कौर इस योजना की सबसे उम्रदराज लाभार्थियों में से एक बन गई हैं। उन्हें कीमोथेरेपी और विशेष चिकित्सा सेवाओं की तत्काल आवश्यकता थी। योजना के तहत उनके ‘सेहत कार्ड’ का उपयोग करते हुए अस्पताल में बिना किसी देरी के उपचार शुरू किया गया। इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया गया, जिससे उनके परिवार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और बुजुर्ग महिला को सही समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सकी।
अक्सर इस उम्र में गंभीर बीमारियों का इलाज परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक चिंता का विषय बन जाता है। इस मामले पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के हर बुजुर्ग को बिना किसी वित्तीय कठिनाई के समय पर इलाज मिले। इस योजना ने यह सुनिश्चित किया है कि अब इलाज के निर्णय मरीज की जेब देखकर नहीं, बल्कि उसकी चिकित्सकीय जरूरत के आधार पर लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब के प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर प्रदान किया जाता है। राज्य भर के 900 से अधिक सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में लाभार्थी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। अब तक राज्य में 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं और 2300 से अधिक विभिन्न बीमारियों के इलाज के पैकेज इस योजना के दायरे में आते हैं।
पंजाब सरकार राज्य के सभी नागरिकों से अपील कर रही है कि वे अपने नजदीकी निर्धारित केंद्रों पर जाकर अपना ‘सेहत कार्ड’ जरूर बनवाएं। सरकार की इस पहल का उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है ताकि किसी भी परिवार को इलाज के लिए कर्ज न लेना पड़े।