चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत से जुड़ा एक बेहद अहम मुद्दा गूंजा है। अब पंजाब सरकार राज्य में बच्चों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने या उसे सीमित करने के बड़े प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने जा रही है। विधानसभा स्पीकर की विशेष मांग पर सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सदन में यह अहम आश्वासन दिया है, जिसके बाद से इस संभावित फैसले की हर तरफ चर्चा हो रही है।
विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने सदन को संबोधित करते हुए गहरी चिंता व्यक्त की कि मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल मासूम बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत पर बेहद बुरा असर डाल रहा है। उन्होंने प्रदेश भर के माता-पिता से खास अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस ‘डिजिटल जहर’ से दूर रखें। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि लगातार स्क्रीन देखने से जहां बच्चों की आंखों और दिमाग पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, वहीं उनकी नींद में कमी और पढ़ाई से एकाग्रता घटने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। इतना ही नहीं, इस लत के कारण बच्चे आउटडोर (मैदानी) खेलों और अपने ही परिवार के सदस्यों से भी पूरी तरह कटते जा रहे हैं।
स्पीकर संधवां की इस वाजिब चिंता पर सकारात्मक जवाब देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इसे आज के समय का एक बेहद गंभीर मुद्दा करार दिया। उन्होंने सदन को पूरा भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस संवेदनशील विषय पर जल्द ही उच्च स्तरीय चर्चा करेगी और बच्चों को इस खतरनाक ‘डिजिटल नशे’ से बचाने के लिए हर संभव और जरूरी कदम उठाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी साफ किया कि इस गंभीर लत से निपटने के लिए बाल रोग और शिक्षा विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी, जिसके आधार पर राज्य में एक नई नीति या सख्त दिशा-निर्देश (गाइडलाइंस) तैयार किए जा सकते हैं।
