नई दिल्ली/चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने संसद सत्र के बाद केंद्र सरकार पर पंजाब के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार चंडीगढ़ की स्थिति, पंजाब यूनिवर्सिटी के केंद्रीयकरण और चंडीगढ़ में प्रशासक की नियुक्ति जैसे संवेदनशील मुद्दों को छेड़कर पंजाबियों के सब्र की परीक्षा ले रही है। मीत हेयर ने मांग की कि केंद्र को अपना वादा पूरा करते हुए चंडीगढ़ को पूरी तरह से पंजाब को सौंप देना चाहिए, क्योंकि पंजाब देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी अपनी राजधानी नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद केंद्र सरकार चंडीगढ़ को पंजाब से दूर करने की कोशिशों में लगी है, जिसका ‘आप’ सख्त विरोध करती है।
सांसद मीत हेयर ने अकाली नेता हरसिमरत कौर बादल के उस बयान की भी कड़ी निंदा की जिसमें उन्होंने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का समर्थन किया था। हेयर ने कहा कि जो लोग खुद पंजाब में ‘चिट्टा’ लेकर आए, उन्हें आज नशे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अकाली दल ने पंजाब के अधिकारों को केंद्र को सौंपने के लिए भाजपा के साथ क्या सौदा किया है? स्थानीय निकाय चुनावों पर अकाली दल के आरोपों का जवाब देते हुए हेयर ने कहा कि असल में अकाली दल को उम्मीदवार ही नहीं मिल रहे हैं, क्योंकि जनता ने उन्हें नकार दिया है, जबकि उनके शासनकाल में विरोधियों के पर्चे ही दाखिल नहीं होने दिए जाते थे।
