पंजाब बनेगा पेट्रोकेमिकल हब: बठिंडा रिफाइनरी में ₹2,600 करोड़ का नया निवेश, कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने विस्तार योजना को दी हरी झंडी

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चंडीगढ़ : पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली तथा एनआरआई मामलों के मंत्री संजीव अरोड़ा ने आज एच.पीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) के महत्वपूर्ण औद्योगिक योगदान तथा भविष्य की विस्तार योजनाओं को उजागर किया, ताकि राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी अगुवाई के तहत राज्य सरकार की वचनबद्धता के अनुरूप बड़े स्तर पर निवेशों का समर्थन तथा पंजाब के औद्योगिक वातावरण को मजबूत बनाया जा सके।

एचएमईएल के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ प्रभ दास ने बताया कि हम बठिंडा में एक रिफाइनरी तथा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में निवेश कर रहे हैं। हम पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, एटीएफ जैसे ईंधनों के साथ-साथ पॉलीथिलीन तथा पॉलीप्रोपाइलीन सहित पॉलिमर भी उत्पादित करते हैं। इस विशाल कॉम्प्लेक्स के निर्माण तथा संचालन के दौरान हमें पंजाब के लोगों के साथ-साथ सरकार से पूरा समर्थन मिला। अब तक पिछले इतने वर्षों में एक दिन के लिए भी न तो निर्माण और न ही संचालन प्रभावित हुआ है। ऐसा सुखद माहौल मुख्य रूप से पंजाब सरकार की सक्रिय नीतियों तथा कारोबार करने में आसानी के कारण है। उन्होंने कहा कि संजीव अरोड़ा की गतिशील अगुवाई के तहत पंजाब का औद्योगिक विकास राज्य के उद्यमियों, उद्योगों तथा युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा।

संजीव अरोड़ा ने कहा कि एचएमईएल हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) – नव रत्न तथा फॉर्च्यून 500 पीएसयू – तथा मित्तल एनर्जी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड, सिंगापुर (लक्ष्मी एन. मित्तल ग्रुप) के बीच एक ऐतिहासिक सार्वजनिक-निजी साझेदारी का केंद्र है तथा पंजाब की सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक सफलताओं में से एक के रूप में उभरा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कंपनी को पंजाब में अपने प्लांट के विस्तार के लिए पूरा सरकारी समर्थन मिलेगा।

उन्होंने कहा कि एचएमईएल की रिफाइनरी तथा एकीकृत पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, जो जिला बठिंडा की तहसील तलवंडी साबो के गांव फुल्लोखेड़ी में लगभग 2,000 एकड़ में फैला हुआ है, ने 2011 में रिफाइनरी का कार्य शुरू किया था। जबकि वर्ष 2023 में पेट्रोकेमिकल सुविधा के साथ राज्य में मूल्य वृद्धि तथा डाउनस्ट्रीम औद्योगिक गतिविधियों में काफी वृद्धि हुई है।

मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्तमान समय में एच.एम.ई.एल. का लगभग 90,000 करोड़ रुपये वार्षिक कारोबार है तथा करों के रूप में सरकारी खजाने में वार्षिक लगभग 2,100 करोड़ रुपये का योगदान देता है, जो पंजाब की अर्थव्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। यह प्रोजेक्ट सीधे तथा परोक्ष रूप से लगभग 10,000 व्यक्तियों को रोजगार देता है, जिससे यह पंजाब के सबसे बड़े औद्योगिक रोजगार देने वालों में से एक है।

उन्होंने आगे बताया कि एचएमईएल काफी मात्रा में एलपीजी, पेट्रोल तथा डीजल उत्पादित करता है, जो उत्तरी भारत की ईंधन आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा, एच.एम.ई.एल. भारत में पॉलिमर का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, जो देश की कुल पॉलिमर मांग का लगभग 14 प्रतिशत पूरा करता है।

हालिया विकास का हवाला देते हुए संजीव अरोड़ा ने कहा कि इसकी 100 प्रतिशत सहायक कंपनी एचएमईएल ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड (एचओपीएल) के द्वारा 2024 में मौजूदा रिफाइनरी के साथ लगते एक बायो-इथेनॉल प्लांट को चालू किया गया था। इस पर निर्माण करते हुए एचओपीएल ने विशेष रसायनों में एक अग्रणी एकीकरण प्रोजेक्ट का प्रस्ताव रखा है, जिसमें 2,600 करोड़ रुपये से अधिक का चरणबद्ध निवेश शामिल है।

प्रस्तावित विस्तार से लगभग 500 अतिरिक्त प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 2,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक टर्नओवर होगा तथा इसकी मजबूत निर्यात संभावना है, जिससे पंजाब को पेट्रोकेमिकल तथा मूल्य-वर्धित निर्माण के लिए एक हब के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।

सरकार की उद्योग-पक्षीय दृष्टिकोण को दोहराते हुए श्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार प्रगतिशील नीतियों, समयबद्ध मंजूरियों तथा निवेशक-केंद्रित माहौल के माध्यम से ऐसे बड़े स्तर के निवेशों को सुविधाजनक बनाने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है, ताकि राज्य में निरंतर औद्योगिक विकास तथा रोजगार सृजन सुनिश्चित किया जा सके।

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