जालंधर: पंजाब में प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बिक रही ‘खूनी’ चाइना डोर (प्लास्टिक डोर) ने जालंधर में एक और मासूम को अपना शिकार बनाया है। शहर के रहने वाले रुद्रवीर नाम के किशोर का गला पतंग उड़ाते समय डोर की चपेट में आने से बुरी तरह कट गया। घटना इतनी भयावह थी कि डोर मांस को चीरते हुए सांस की नली के बेहद करीब तक पहुँच गई, जिससे रुद्रवीर लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
पल भर में बदली खुशियां
जानकारी के अनुसार, रुद्रवीर अपने घर की छत पर पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान आसमान में उड़ती किसी कटी हुई पतंग की चाइना डोर अचानक उसके गले में आकर फंस गई। जब तक रुद्रवीर कुछ समझ पाता या डोर को हटाने की कोशिश करता, डोर की धार ने उसके गले पर गहरा घाव कर दिया। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुँचे और तुरंत उसे गंभीर हालत में ग्लोबल हॉस्पिटल लेकर भागे।
अस्पताल में जीवन-मौत की जंग
ग्लोबल हॉस्पिटल पहुँचते ही अस्पताल की इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर टीम सक्रिय हो गई। डॉक्टरों के अनुसार, चोट इतनी गहरी थी कि रुद्रवीर की सांस की नली (Windpipe) को गंभीर खतरा पैदा हो गया था। अधिक खून बह जाने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
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विशेषज्ञों की टीम: अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर राजीव सूद, एनेस्थेटिस्ट और क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की एक विशेष टीम चौबीसों घंटे रुद्रवीर की निगरानी कर रही है।
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सर्जरी: डॉक्टरों ने तुरंत युवक की स्थिति को देखते हुए उसकी सर्जरी करने का फैसला लिया। घंटों चली इस जटिल सर्जरी के बाद भी रुद्रवीर अभी खतरे से बाहर नहीं है।
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अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण: अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे मरीज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान में उसे लाइफ सपोर्ट और आईसीयू (ICU) में रखा गया है।
