सूर्या की 37 गेंदों में 82 रनों की आतिशबाज़ी, फिर रघु के पैरों में झुककर जीता करोड़ों का दिल

Sports

Sports Desk: न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 (IND vs NZ) मुकाबले में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव का पुराना ‘360 डिग्री’ रूप देखने को मिला। लंबे समय से फॉर्म से जूझ रहे सूर्या ने न सिर्फ बल्ले से धमाका किया, बल्कि मैच के बाद अपनी एक सादगी भरी हरकत से क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया।

मैदान पर सूर्या का तूफान
पिछली कई पारियों से एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाने वाले सूर्यकुमार यादव कल अलग ही कॉन्फिडेंस में नजर आए। उन्होंने कीवी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मात्र 37 गेंदों पर 82 रनों की तूफानी पारी खेली। उनकी इस पारी में 9 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। इस धमाकेदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने सीरीज के दूसरे मैच में शानदार जीत दर्ज की।

जीत के बाद ‘रघु’ के चरणों में झुके कप्तान
मैच खत्म होने के बाद सूर्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। डगआउट में जाते ही सूर्या सीधे टीम इंडिया के अनुभवी थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट राघवेंद्र द्विवेदी (रघु) के पास गए और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। दरअसल, सूर्या अपनी इस वापसी का पूरा श्रेय रघु को देते हैं, जिन्होंने नेट प्रैक्टिस के दौरान उन्हें घंटों तक तेज और सटीक गेंदें खिलाकर तैयार किया।

कौन हैं ‘रघु’ जिन्हें दिग्गज भी मानते हैं उस्ताद?
राघवेंद्र द्विवेदी उर्फ ‘रघु’ टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के वो गुमनाम नायक हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर चैंपियंस तैयार करते हैं।
* मास्टरक्लास के आर्किटेक्ट: वे ‘साइडआर्म’ टूल से लगातार 140-150 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदें फेंकने में माहिर हैं।
* दिग्गजों के सारथी: सचिन तेंदुलकर, एमएस धोनी और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी भी रघु की प्रैक्टिस के मुरीद रहे हैं।
* संघर्ष से सफलता तक: एक साधारण परिवार से आने वाले रघु कभी खुद क्रिकेटर बनने मुंबई आए थे, लेकिन आज वे भारतीय टीम की हर बड़ी जीत (वर्ल्ड कप सहित) का अहम हिस्सा बन चुके हैं।

प्रशंसक कर रहे हैं सलाम
सोशल मीडिया पर फैंस सूर्या की इस विनम्रता की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जो खिलाड़ी अपनी सफलता का श्रेय पर्दे के पीछे काम करने वाले स्टाफ को देता है, वही असली चैंपियन है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *