Sports Desk: यह विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया और आईसीसी ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। पाकिस्तान सरकार ने बांग्लादेश का समर्थन करते हुए ‘सिलेक्टिव पार्टिसिपेशन’ (चुनिंदा मैचों में भागीदारी) की नीति अपनाई है। पाकिस्तान का तर्क है कि यदि भारत पिछले साल सुरक्षा कारणों से चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान नहीं आया था, तो बांग्लादेश और पाकिस्तान को भी भारत के खिलाफ स्टैंड लेने का अधिकार है।
ICC की सख्त चेतावनी: “दूरगामी होंगे परिणाम”
पाकिस्तान सरकार द्वारा सोशल मीडिया (X) पर बहिष्कार की घोषणा के बाद आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि:
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खेल की भावना के विरुद्ध: किसी वैश्विक टूर्नामेंट में अपनी मर्जी से मैच चुनना खेल की अखंडता और निष्पक्षता के खिलाफ है।
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वैश्विक ढांचे पर असर: आईसीसी ने चेतावनी दी है कि इस फैसले से वैश्विक क्रिकेट ढांचे को नुकसान होगा और इसका सबसे बड़ा खामियाजा खुद पीसीबी को भुगतना पड़ सकता है।
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समाधान की उम्मीद: आईसीसी ने उम्मीद जताई है कि पीसीबी अपने सदस्यों और प्रशंसकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोई बीच का रास्ता निकालेगा।
क्या होगा पाकिस्तान को नुकसान?
विशेषज्ञों और पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम ‘ब्लैकमेलिंग’ जैसा है, जिससे उसे भारी वित्तीय और खेल संबंधी नुकसान हो सकता है:
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वित्तीय घाटा: आईसीसी के रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के तहत पाकिस्तान को मिलने वाले लगभग 3.45 करोड़ डॉलर (करीब 280 करोड़ रुपये) की राशि में कटौती की जा सकती है।
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पॉइंट्स और रन रेट: यदि पाकिस्तान 15 फरवरी को मैदान पर नहीं उतरता है, तो भारत को बिना खेले 2 अंक मिल जाएंगे। पाकिस्तान का नेट रन रेट (NRR) भी बुरी तरह प्रभावित होगा।
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टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा: पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन के अनुसार, यदि पाकिस्तान ब्लैकमेलिंग जारी रखता है, तो आईसीसी के पास उसे टूर्नामेंट से बाहर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
मैदान पर भारत की तैयारी
बीसीसीआई सूत्रों के मुताबिक, भारतीय टीम आईसीसी के प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगी। 15 फरवरी को टीम तय समय पर स्टेडियम पहुंचेगी, प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी और टॉस के लिए मैदान पर आएगी। यदि पाकिस्तान नहीं पहुंचता है, तो मैच रेफरी द्वारा मैच रद्द घोषित किए जाने तक भारतीय टीम इंतजार करेगी।
खिलाड़ियों का पक्ष
इस बीच, पाकिस्तान के ऑलराउंडर सलमान अली आगा ने स्पष्ट किया कि मैच खेलना या न खेलना खिलाड़ियों के हाथ में नहीं है। उन्होंने कहा कि टीम वही करेगी जो उनकी सरकार और पीसीबी चेयरमैन का निर्देश होगा।
