Haryana Desk: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना के एक पीड़ित को बड़ी राहत देते हुए मुआवजे की राशि में भारी बढ़ोतरी की है। अदालत ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) द्वारा निर्धारित ₹16,97,050 के मुआवजे को बढ़ाकर अब ₹42,18,050 कर दिया है। जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने यह फैसला सुनाते हुए पीड़ित की स्थायी दिव्यांगता और जीवनभर के कष्ट को आधार बनाया।
यह मामला वर्ष 2019 का है, जब एक सड़क हादसे में जसपाल सिंह नाम के व्यक्ति को अपनी दाहिनी टांग गंवानी पड़ी थी। घुटने के ऊपर से टांग कटने के कारण उनकी कार्यक्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई थी। इससे पहले अधिकरण ने उनकी मासिक आय को कम आंकते हुए सीमित मुआवजा तय किया था, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि मुआवजा तय करते समय केवल मेडिकल रिपोर्ट नहीं, बल्कि व्यक्ति की वास्तविक कार्यक्षमता पर पड़े असर को देखना चाहिए। अदालत ने पीड़ित की 75 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता मानते हुए उसकी भविष्य की आय में 25 प्रतिशत की वृद्धि जोड़कर नए सिरे से गणना की। कोर्ट का मानना है कि एक स्वस्थ व्यक्ति का अचानक अपंग होना केवल शारीरिक नहीं, बल्कि गहरा मानसिक और सामाजिक आघात भी है।
अदालत ने मुआवजे की राशि में दर्द और पीड़ा के लिए 8 लाख रुपये, कृत्रिम पैर के लिए 5 लाख रुपये और देखभाल (अटेंडेंट) के लिए 2 लाख रुपये सहित अन्य खर्चे जोड़े हैं। बीमा कंपनी को आदेश दिया गया है कि वह दो महीने के भीतर बढ़ी हुई राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ जमा कराए, ताकि इसे जल्द से जल्द पीड़ित तक पहुँचाया जा सके।