Haryana Desk: महेंद्रगढ़ की पूर्व एसडीएम और तेजतर्रार आईएएस अधिकारी कनिका गोयल का स्थानांतरण भले ही हो गया हो, लेकिन उनके कार्यकाल को शहर के विकास और अनुशासन के एक ‘स्वर्णिम अध्याय’ के रूप में याद किया जाएगा। प्रशासनिक हलकों में अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और कड़े फैसलों के लिए मशहूर आईएएस कनिका गोयल ने महेंद्रगढ़ में जो लकीर खींची है, उसे पार पाना आने वाले अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। उन्होंने वर्षों से लंबित उन समस्याओं पर हाथ डाला, जिनसे टकराने की हिम्मत पूर्व में कई अधिकारी नहीं जुटा पाए थे।
दशकों पुराने ‘अतिक्रमण’ पर चला प्रशासनिक हंटर
शहर के मुख्य बाजारों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के बरामदे, जो आम जनता के चलने के लिए थे, उन पर दशकों से अवैध कब्जा था। राजनीतिक और स्थानीय दबाव के कारण यह मुद्दा हमेशा ठंडे बस्ते में रहा, लेकिन कनिका गोयल ने इसे एक मिशन के रूप में लिया। उन्होंने न केवल कानून का डंडा चलाया, बल्कि व्यापारियों से संवाद कर उन्हें जनहित के लिए प्रेरित भी किया। परिणाम यह हुआ कि सालों से बंद पड़े बरामदे राहगीरों के लिए खाली हो गए।
टकराव नहीं, सहयोग से बदली शहर की सूरत
अक्सर अतिक्रमण हटाते समय तनाव की स्थिति बनती है, लेकिन कनिका गोयल की कार्यकुशलता ऐसी थी कि व्यापारियों ने खुद आगे बढ़कर अपनी दुकानों के बाहर बने पक्के चबूतरे और टीन शेड हटा लिए। उन्होंने रेहड़ी-फड़ वालों के लिए एक व्यवस्थित योजना बनाई, जिससे गरीबों का रोजगार भी बचा रहा और सड़कों को जाम से मुक्ति भी मिली। उनकी निष्पक्षता ने आमजन के मन में प्रशासन के प्रति गहरा विश्वास पैदा किया।
सब्जी मंडी की अव्यवस्था को किया दुरुस्त
महेंद्रगढ़ की सब्जी मंडी जो कभी जाम और गंदगी का केंद्र बन चुकी थी, वहां कनिका गोयल ने व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग कर ‘सिस्टम’ लागू किया। मार्केट कमेटी की विफलता को दूर करते हुए उन्होंने मंडी में वाहनों के आवागमन और फड़ लगाने की नई रूपरेखा तैयार करवाई। आज मंडी में जो सुचारू व्यवस्था दिखती है, उसका पूरा श्रेय उनकी प्रशासनिक क्षमता को जाता है।
एक अमिट और पारदर्शी विरासत
अपने स्थानांतरण के बाद अब कनिका गोयल नई जिम्मेदारी संभालेंगी, लेकिन महेंद्रगढ़ की जनता उन्हें एक ऐसे अधिकारी के रूप में याद रखेगी जिसने ‘मुश्किल फैसलों’ से कभी मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने साबित कर दिया कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो दशकों पुराने अवरोध भी हटाए जा सकते हैं। शहरवासी मानते हैं कि उन्होंने न केवल शहर की सूरत बदली, बल्कि प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाकर एक नई मिसाल कायम की है।