Punjab Desk: पंजाब की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण की रणनीति के चलते अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों के कई दिग्गज नेताओं ने ‘आम आदमी पार्टी’ (आप) का दामन थाम लिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण के प्रयासों से आम आदमी पार्टी का कुनबा और भी मजबूत हो गया है। एक विशेष कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा से जुड़े लगभग तीन दर्जन सरपंचों, पंचों और कई वरिष्ठ नेताओं ने औपचारिक रूप से ‘आप’ की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर पंजाब खादी वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह आहूवालिया भी मौजूद रहे।
कांग्रेस के बड़े चेहरों का पलायन
पार्टी छोड़ने वालों में सबसे प्रमुख नाम पंजाब कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट (एससी विंग) साहिब सिंह छज्जलवड्डी और जिला महिला कांग्रेस अमृतसर ग्रामीण की अध्यक्ष सरबजीत कौर का है। इन बड़े चेहरों का जाना कांग्रेस के लिए जिले में एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण ने सभी नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए इसे बदलाव की राजनीति की जीत बताया।
मान सरकार की नीतियों पर जताया भरोसा
पार्टी में शामिल हुए नए सदस्यों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की जनहितकारी नीतियों और विकास कार्यों से बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने साझा किया कि राज्य के सर्वांगीण विकास और लोगों की भलाई के लिए अब वे आम आदमी पार्टी के झंडे तले समर्पित होकर काम करेंगे।
सियासी समीकरणों में बदलाव
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में स्थानीय नेताओं का सत्ताधारी दल में शामिल होना आने वाले चुनावों और स्थानीय समीकरणों पर गहरा असर डालेगा। विपक्ष के लिए अपने जमीनी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को एकजुट रखना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।