Entertainment Desk: फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ अपनी भारी-भरकम स्टार कास्ट के लिए चर्चा में है, लेकिन इस फिल्म के एक नन्हे और खास किरदार ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। अर्जुन रामपाल की ऑनस्क्रीन बेटी ‘लाएबा’ की भूमिका निभाने वाली आहिदा सरमाई की कहानी जितनी पर्दे पर भावुक करने वाली है, असल जिंदगी में उतनी ही प्रेरणादायक भी है।
फिल्म में अर्जुन रामपाल ने ‘मेजर इकबाल’ का किरदार निभाया है, जिनकी बेटी ‘लाएबा’ डाउन सिंड्रोम से पीड़ित दिखाई गई है। इस चुनौतीपूर्ण भूमिका को आहिदा सरमाई ने अपने डेब्यू के साथ ही जीवंत कर दिया। खास बात यह है कि आहिदा असल जिंदगी में भी डाउन सिंड्रोम से ग्रसित हैं, लेकिन उन्होंने अपनी इस शारीरिक स्थिति को अपनी प्रतिभा के आड़े नहीं आने दिया।
सिर्फ अभिनेता नहीं, एक मंझी हुई थिएटर आर्टिस्ट
आहिदा की अभिनय क्षमता केवल कैमरे तक सीमित नहीं है। वे एक अनुभवी थिएटर आर्टिस्ट भी हैं। उन्होंने ‘रामायण’, ‘आशा की किरण’ और ‘वो खुला आसमान’ जैसे नाटकों के जरिए मंच पर अपनी कला का लोहा मनवाया है। ‘धुरंधर’ के एक सीन में ही उनके टैलेंट ने दर्शकों को इमोशनल कर दिया, जिससे साबित होता है कि उनकी कला की उड़ान अभी बहुत लंबी है।
पेंटिंग से लेकर ब्यूटी पेजेंट तक का सफर
अभिनय के अलावा आहिदा एक बेहतरीन पेंटर और डांसर भी हैं। उनकी पेंटिंग्स की प्रदर्शनी राष्ट्रपति भवन और नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (NCPA) जैसी प्रतिष्ठित जगहों पर लग चुकी है। इतना ही नहीं, उन्होंने ग्लैमर की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई है। वे ‘मिस इंडिया (डाउन सिंड्रोम) 2022’ और ‘मिस दिल्ली (स्पेशल चाइल्ड) 2024’ में रनर-अप रह चुकी हैं।
हौसले और उम्मीद की एक मिसाल
आहिदा की कहानी उन सभी माता-पिता के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो अपने बच्चों की बीमारियों या कमियों को देखकर हार मान लेते हैं। डाउन सिंड्रोम के बावजूद आहिदा ने शास्त्रीय नृत्य, चित्रकला और अभिनय के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया है, वह यह बताने के लिए काफी है कि अगर हौसला बुलंद हो तो आसमान छोटा पड़ जाता है।