चंडीगढ़: हरियाणा में आज, 1 अप्रैल 2026 से गेहूं की आधिकारिक खरीद प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार ने इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, सीजन की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं दिख रही है क्योंकि बीते मंगलवार को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने प्रदेश के कई हिस्सों में फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है।
7 जिलों में कुदरत की मार
मंगलवार को हुई ओलावृष्टि ने विशेष रूप से दक्षिण और पश्चिम हरियाणा के 100 से ज्यादा गांवों में तबाही मचाई है।
-
प्रभावित जिले: हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़।
-
नुकसान: खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और चने की फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई मंडियों में जलभराव के कारण अनाज के रखरखाव की समस्या खड़ी हो गई है।
मंडियों में आवक कम रहने के आसार
मौसम की अनिश्चितता और खेतों में नमी होने के कारण कटाई की रफ्तार धीमी है। विशेषज्ञों का मानना है कि खरीद के शुरुआती दिनों में मंडियों में गेहूं की आवक कम रहेगी। जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं भी अभी पूरी तरह दुरुस्त नजर नहीं आ रही हैं, जिससे किसानों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 अप्रैल को मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिससे किसान कटाई का काम आगे बढ़ा सकेंगे। हालांकि, यह राहत अल्पकालिक हो सकती है:
-
3 और 4 अप्रैल: प्रदेश में एक बार फिर मौसम बदलने के आसार हैं।
-
संभावना: दोबारा बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है, जो कटी हुई फसल और मंडियों में रखे अनाज के लिए खतरा बन सकती है।
किसानों को सलाह: आने वाले दिनों में खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए किसान अपनी फसल को तिरपाल से ढकने और सुरक्षित स्थान पर रखने का प्रबंध करें।