चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी स्कूलों में अब छात्र या शिक्षक की अनुपस्थिति छिप नहीं सकेगी। शिक्षा विभाग ने ई-पंजाब पोर्टल पर एक नया अटेंडेंस मॉड्यूल सक्रिय किया है, जो रियल-टाइम में काम करेगा। इस सिस्टम के तहत स्कूल खुलते ही डिजिटल हाजिरी लगाना अनिवार्य होगा।
कैसे काम करेगा यह स्मार्ट सिस्टम?
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तत्काल सूचना: जैसे ही कोई छात्र स्कूल में अनुपस्थित दर्ज होगा, उसके अभिभावकों के मोबाइल पर तुरंत एक SMS पहुंच जाएगा।
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दो दिन की अनुपस्थिति पर ऐक्शन: यदि कोई छात्र लगातार दो दिनों तक स्कूल नहीं आता है, तो स्कूल प्रशासन को अनिवार्य रूप से परिवार से संपर्क कर इसका कारण जानना होगा।
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शिक्षकों पर भी नजर: इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। यदि कोई शिक्षक भी गैरहाजिर रहता है, तो इसकी जानकारी भी पारदर्शी तरीके से सिस्टम में दर्ज होगी, जिससे शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी।
मेगा PTM में 18 लाख अभिभावकों को दी गई जानकारी
इस नई डिजिटल व्यवस्था का खाका हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय मेगा पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) में पेश किया गया। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस कार्यक्रम में रिकॉर्ड 18 लाख अभिभावकों ने हिस्सा लिया।
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इस दौरान न केवल बच्चों के रिपोर्ट कार्ड बांटे गए, बल्कि उन्हें इस नए ‘स्कूल कनेक्ट’ प्रोग्राम के फायदों के बारे में भी विस्तार से समझाया गया।
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स्कूलों में छात्रों द्वारा बनाई गई प्रोजेक्ट प्रदर्शनियां और स्वास्थ्य जागरूकता शिविर भी आकर्षण का केंद्र रहे।
प्रिंसिपल की होगी मुख्य जिम्मेदारी
इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने का जिम्मा स्कूल के प्रिंसिपलों को सौंपा गया है। उन्हें ‘नोडल अधिकारी’ के रूप में यह सुनिश्चित करना होगा कि:
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सभी शिक्षकों और छात्रों का डाटा पोर्टल पर सही हो।
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अभिभावकों के मोबाइल नंबर अपडेटेड रहें ताकि SMS पहुंचने में देरी न हो।
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लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के मामलों में स्कूल स्तर पर उचित परामर्श या कार्रवाई की जाए।