पंजाब में अब 6 मिनट में मिलेगी पुलिस मदद: CM मान ने 508 अत्याधुनिक इमरजेंसी वाहनों को दिखाई हरी झंडी

Punjab

Punjab Desk: संगरूर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की पुलिस व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की है। उन्होंने 508 नए इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और एलान किया कि अब पंजाब में आपातकालीन सहायता अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तर्ज पर महज 6 मिनट के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी।

अत्याधुनिक जीपीएस ट्रैकर, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा सिस्टम से लैस ये नई बोलेरो गाड़ियां डायल-112 सेवा के तहत राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात की जाएंगी। इन नए वाहनों के शामिल होने से डायल-112 के बेड़े में कुल गाड़ियों की संख्या बढ़कर 764 हो गई है, जिससे रिस्पॉन्स टाइम को और अधिक कम करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले चार वर्षों में पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए 327.70 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया गया है, जिसके चलते 2022 से अब तक लगभग 2,904 नए वाहन खरीदे जा चुके हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध का आह्वान किया और तस्करों का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने हमारी आने वाली पीढ़ियों को बर्बाद किया है, उनके साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। सरकार की सख्ती का ही परिणाम है कि पंजाब में नशे के मामलों में सजा की दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमा पार से होने वाले ‘नशा आतंकवाद’ को रोकने के लिए पंजाब पुलिस पूरी निष्ठा के साथ डटी हुई है और तस्करों के नेटवर्क की रीढ़ तोड़ दी गई है। उन्होंने पिछली सरकारों पर तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार का मुख्य उद्देश्य पंजाब की युवा पीढ़ी को सुरक्षित रखना है।

बेहतर कानून-व्यवस्था और आर्थिक विश्वास के संबंध पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की सुरक्षा का सबसे बड़ा पैमाना वहां होने वाला निवेश होता है। टाटा स्टील द्वारा पंजाब में अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित करना इस बात का प्रमाण है कि उद्योग जगत का भरोसा पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ा है। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी पंजाब ने ऐतिहासिक सुधार किए हैं। देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स के गठन के बाद हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिसकी सराहना केंद्र सरकार ने भी की है। 1,597 प्रशिक्षित कर्मियों और 144 आधुनिक वाहनों के साथ यह फोर्स 4,200 किलोमीटर के दुर्घटना-संभावित हिस्सों पर मुस्तैदी से तैनात है।

भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही पुलिस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा ताकि अपराधों पर और अधिक प्रभावी तरीके से लगाम लगाई जा सके। भर्ती प्रक्रिया को लेकर उन्होंने बताया कि 2022 से अब तक पुलिस विभाग में 12,197 युवाओं को रोजगार दिया गया है और आगामी मार्च 2026 के लिए भी हजारों पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए सरकार कृषि भूमि से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली लाइनों को जमीन के नीचे बिछाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने अवसरवादी राजनीति को नकार कर एक ईमानदार शासन चुना है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर गोयल और डीजीपी गौरव यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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