चंडीगढ़ : पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में 85,418 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत सजा की दर ऐतिहासिक रूप से बढ़कर 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने इसे पंजाब की नशे के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक मोड़ करार दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद से राज्य में नशा तस्करों के खिलाफ 63,053 मामले दर्ज किए गए हैं। विशेष रूप से वर्ष 2025 में 1 मार्च को शुरू किए गए ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के बाद 30,144 एफआईआर दर्ज हुईं और 40,302 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होकर चलाया गया, जिससे पुलिस को पूरी स्वतंत्रता के साथ कार्रवाई करने का अवसर मिला।
सीएम मान ने बताया कि सरकार ने नशे के खिलाफ तीन स्तंभों—कठोर कार्रवाई, नशामुक्ति और रोकथाम—पर आधारित रणनीति अपनाई है। इसके तहत साढ़े तीन वर्षों में 5,119.94 किलोग्राम हेरोइन, 3,458.53 किलोग्राम अफीम, 5.82 किलोग्राम कोकीन, 82.04 किलोग्राम आइस ड्रग और 4.98 करोड़ नशीली गोलियां बरामद की गईं। इसके अलावा 52.46 करोड़ रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई।
वित्तीय जांच को अभियान का अहम हिस्सा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 से 2025 के बीच नशा तस्करों की ₹2,730 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्तियों को फ्रीज या जब्त किया गया है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि नशे से कमाई गई संपत्ति को किसी भी हाल में पनपने नहीं दिया जाएगा।
कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 अपराधियों के लिए “साल-ए-हिसाब” साबित हुआ है। 1 जनवरी से 17 दिसंबर 2025 तक 916 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया, 13 कुख्यात अपराधियों को मुठभेड़ों में ढेर किया गया और 389 आपराधिक मॉड्यूल ध्वस्त किए गए। इस दौरान 594 हथियार और 229 अन्य अवैध हथियार भी बरामद हुए।
मुख्यमंत्री ने पंजाब पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि ड्रोन के जरिए हो रही नशा तस्करी को रोकने में भी बड़ी कामयाबी मिली है। 2025 में ड्रोन इंटरसेप्शन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे सीमापार तस्करी पर कड़ा प्रहार संभव हुआ। उन्होंने दोहराया कि नशा मुक्त और सुरक्षित पंजाब सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी।
