चंडीगढ़: पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो का एक्शन लगातार जारी है। राज्य में रिश्वतखोरों पर नकेल कसने की अपनी मुहिम के तहत विजिलेंस टीम ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो ने बरनाला के एसएसपी कार्यालय में तैनात एक वरिष्ठ सहायक को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस ट्रैप के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़ा गया अधिकारी सी.आर.सी. शाखा में तैनात दविंदर सिंह है, जिसने विभाग के ही एक पुलिस कर्मचारी से घूस मांगने की जुर्रत की थी।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह गिरफ्तारी बरनाला जिले के गांव दानगढ़ निवासी एक व्यक्ति की पुख्ता शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता खुद पंजाब पुलिस में सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) के पद पर कार्यरत है। पुलिसकर्मी ने अपनी सेवा अवधि (सर्विस एक्सटेंशन) बढ़ाने के लिए विभाग में आधिकारिक तौर पर आवेदन किया था। आरोप है कि इसी फाइल को आगे बढ़ाने और मदद करने के एवज में एसएसपी ऑफिस के वरिष्ठ सहायक दविंदर सिंह ने एएसआई से 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर डाली।
शिकायतकर्ता एएसआई अपना काम करवाने के लिए किसी भी तरह की रिश्वत देकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं देना चाहता था। इसके बाद उसने बिना देरी किए विजिलेंस ब्यूरो रेंज, पटियाला का दरवाजा खटखटाया और आरोपी बाबू के खिलाफ पुख्ता शिकायत दर्ज करवा दी। विजिलेंस की टीम ने मामले की प्रारंभिक जांच के बाद एक पूरी रणनीति तैयार की। योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी वरिष्ठ सहायक दविंदर सिंह को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की घूस लेते हुए मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया गया।
विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार करने के बाद उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रवक्ता के मुताबिक, पकड़े गए वरिष्ठ सहायक के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो के थाना पटियाला में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की गहन जांच जारी है।
