चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए पारंपरिक राशन कार्डों की जगह अत्याधुनिक QR कोड आधारित स्मार्ट राशन कार्ड जारी करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में उठाया गया यह कदम राज्य के लाखों लाभार्थियों के लिए राशन प्राप्ति की प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना देगा।
स्मार्ट कार्ड की जरूरत और इसके फायदे
पुरानी व्यवस्था में फिंगरप्रिंट मैच न होने या ई-केवाईसी (e-KYC) फेल होने जैसी तकनीकी दिक्कतों के कारण अक्सर पात्र लोगों को राशन मिलने में देरी होती थी। नई QR कोड तकनीक इन सभी बाधाओं को दूर करेगी। अब लाभार्थियों को राशन डिपो पर अपना आधार कार्ड या अन्य कोई दस्तावेज साथ ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी; केवल स्मार्ट कार्ड स्कैन करते ही उनकी सारी जानकारी सिस्टम में आ जाएगी।
1.5 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा लाभ
पंजाब में लगभग 39 लाख राशन कार्ड धारक हैं, जिनसे करीब 1.5 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी मई महीने में गेहूं वितरण शुरू होने से पहले 80% लाभार्थियों तक ये नए स्मार्ट कार्ड पहुँचाने का है। जानकारी के अनुसार, लगभग 10 लाख प्लास्टिक कार्ड पहले ही छप चुके हैं और इन्हें चरणबद्ध तरीके से जिलों में भेजा जा रहा है।
कहीं भी, कभी भी मिलेगा राशन (पोर्टेबिलिटी)
इस नई प्रणाली की सबसे बड़ी खूबी इसकी पोर्टेबिलिटी है। अब राशन कार्ड धारक केवल अपने निर्धारित डिपो पर निर्भर नहीं रहेंगे। QR कोड स्कैनिंग की सुविधा होने के कारण लाभार्थी राज्य के किसी भी राशन डिपो से अपना अनाज प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो काम के सिलसिले में एक शहर से दूसरे शहर प्रवास करते हैं।