जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर अशोक मित्तल के ठिकानों पर छापेमारी की है। FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के प्रावधानों के तहत की जा रही इस कार्रवाई ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है।
छापेमारी का दायरा और कारण
ED की टीमें जालंधर, फगवाड़ा और अन्य स्थानों पर स्थित अशोक मित्तल के कारोबारी ठिकानों और उनकी यूनिवर्सिटी परिसर में दस्तावेजों को खंगाल रही हैं। 61 वर्षीय अशोक मित्तल एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और ‘लवली ग्रुप’ के प्रमुख हैं। हालांकि, ED ने अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह जांच वित्तीय लेनदेन और FEMA नियमों के उल्लंघन से संबंधित है।
आम आदमी पार्टी का कड़ा रुख
इस छापेमारी को लेकर ‘आप’ का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह से मुखर हो गया है:
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अरविंद केजरीवाल: पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने ‘X’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मोदी जी ने पंजाब में चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन पंजाब के लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और बीजेपी को इसका करारा जवाब देंगे।”
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भगवंत मान: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे ‘टिपिकल मोदी स्टाइल’ बताते हुए चुनौती दी। उन्होंने लिखा, “हम वो पत्ते नहीं जो शाख से टूटकर गिर जाएंगे, आंधियों को कह दो अपनी औकात में रहें।”
कौन हैं अशोक मित्तल?
अशोक मित्तल पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट और लॉ ग्रेजुएट मित्तल को हाल ही में राज्यसभा में पार्टी का ‘डिप्टी लीडर’ नियुक्त किया गया था। उन्होंने इस पद पर राघव चड्ढा की जगह ली थी, जिसके बाद पार्टी के भीतर चर्चाएं भी गर्म रही थीं।
राजनीतिक खींचतान के बीच कार्रवाई
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के एक महत्वपूर्ण पद से हटाया गया था, जिसे राजनीतिक गलियारों में ‘आप’ के आंतरिक मतभेदों के तौर पर भी देखा गया था। हालांकि, अशोक मित्तल ने इस नियुक्ति को ‘सामान्य प्रक्रिया’ करार दिया था।
फिलहाल, इस छापेमारी के बाद से पंजाब में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और आम आदमी पार्टी इसे आगामी चुनावों से पहले की रणनीति बता रही है।
