पंजाब: बेमौसम बारिश से प्रभावित गेहूं की गुणवत्ता जांचने पहुंची केंद्र की टीम, मंडियों में सर्वे शुरू

Punjab

माछीवाड़ा: हाल ही में हुई बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तापमान में उतार-चढ़ाव का सीधा असर पंजाब की गेहूं की फसल पर पड़ा है। इस स्थिति का जायजा लेने और फसल की गुणवत्ता परखने के लिए केंद्र सरकार की एक विशेष टीम ने आज समराला और माछीवाड़ा की अनाज मंडियों का दौरा किया।

सैंपल की जांच और मानकों पर नजर

भारतीय खाद्य निगम (FCI) की टीम ने मंडियों में रखे गेहूं के विभिन्न ढेर (ढेरियों) से गहन निरीक्षण किया और रैंडम तरीके से कई सैंपल एकत्र किए। इन सैंपलों को चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।

  • उद्देश्य: रिपोर्ट के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि खराब मौसम के कारण गेहूं के दानों की गुणवत्ता (चमक और आकार) पर कितना असर पड़ा है।

  • खरीद प्रक्रिया: फिलहाल, जो गेहूं निर्धारित मानकों के अनुरूप है, उसकी खरीद जारी है। हालांकि, प्रभावित गेहूं की खरीद को लेकर केंद्र की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

क्यों उठ रही है मानकों में ढील की मांग?

मौसम की मार के कारण कई जगहों पर गेहूं की चमक कम हो गई है और दाने सिकुड़ गए हैं। सरकारी खरीद के सख्त मानकों के चलते एजेंसियां फिलहाल ऐसी फसल लेने में हिचकिचा रही हैं। इसे देखते हुए किसान संगठनों और आढ़तियों ने मांग की है कि केंद्र सरकार खरीद मानकों (Specification norms) में उचित ढील दे, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।

आढ़तियों और किसानों की चिंता

मंडी प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि मानकों में जल्द राहत नहीं दी गई, तो मंडियों में गेहूं का अंबार लग जाएगा। इससे न केवल भंडारण की समस्या पैदा होगी, बल्कि किसानों को भुगतान मिलने में भी देरी होगी।

  • व्यापारियों का तर्क: यदि खरीद प्रक्रिया सुचारू नहीं रही, तो मंडियों में अव्यवस्था फैल सकती है।

  • उम्मीद: सभी की नजरें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। किसानों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत की घोषणा करेगी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *