टांडा (होशियारपुर): पंजाब के कंडी क्षेत्र में दशकों से चली आ रही उपेक्षा का दौर अब खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को टांडा उरमुर में 150 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य उन इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ना है, जो आजादी के सात दशकों बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे।
क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?
मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र के कायापलट के लिए एक व्यापक रोडमैप पेश किया है:
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सड़क नेटवर्क का जाल: क्षेत्र की संपर्क सड़कों (Link Roads) के नवीनीकरण और उन्नयन के लिए 141.88 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि आवंटित की गई है।
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हाई-लेवल ब्रिज: गुरुद्वारा रामपुर खेड़ा साहिब तक जाने वाले श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए 2.39 करोड़ रुपये की लागत से एक ऊंचे पुल का निर्माण किया जाएगा।
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स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: * 6 गांवों में 3.30 करोड़ रुपये की लागत से ‘स्वास्थ्य कल्याण केंद्र’ स्थापित होंगे।
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गढ़दीवाला में 1.35 करोड़ रुपये की लागत से ‘शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र’ खोला जाएगा।
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पेयजल परियोजना: तलवंडी दादियां गांव में 1.54 करोड़ रुपये की लागत से नई जल आपूर्ति परियोजना शुरू की गई है।
राजनीतिक उपेक्षा पर प्रहार
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कंडी क्षेत्र के साथ दशकों तक राजनीतिक भेदभाव हुआ, जिसे उनकी सरकार ने खत्म करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने अकाली दल पर जनता के विश्वास को तोड़ने और धार्मिक भावनाओं के अनादर का आरोप लगाते हुए इसे पंजाब की राजनीति में एक बड़ा ‘विकासात्मक सुधार’ बताया।
‘विकसित पंजाब’ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उनकी सरकार पंजाब के बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं को विश्व स्तरीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आम आदमी की सरकार’ का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को सम्मान के साथ गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रदान करना है।